उत्तराखंड में मतदाता सूची शुद्धीकरण तेज, अधूरी मैपिंग पर फोकस,अधिकारियों को फील्ड विजिट के निर्देश

Uttarakhand Voter List देहरादून : उत्तराखंड में मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) को और गति देने के निर्देश दिए गए हैं. अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने अधिकारियों से कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है और जहां भी समस्याएं सामने आएं, वहां स्वयं फील्ड विजिट कर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए.

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान समेत निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे.

Uttarakhand Voter List : चार विधानसभा क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में विधानसभावार प्रगति की समीक्षा करते हुए विजय कुमार जोगदंडे ने अभियान की प्रगति पर संतोष जताया, लेकिन सहसपुर, डोईवाला, विकासनगर और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में विशेष फोकस के साथ अभियान को तेज करने के निर्देश दिए.

उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की मैपिंग अभी तक पूरी नहीं हुई है, उनके सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए.

फील्ड में जाकर दूर करें समस्याएं

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि किसी क्षेत्र में सत्यापन या मैपिंग के दौरान कोई समस्या आ रही है तो संबंधित अधिकारी बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर स्वयं मौके पर जाएं और समस्याओं का समाधान करें.

उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सत्यापन केवल भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 मान्य दस्तावेजों के आधार पर किया जाए. साथ ही वर्ष 2003 की एसआईआर प्रति, परिवार रजिस्टर और अन्य अभिलेखों का मिलान कर प्रत्येक प्रविष्टि का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाए.

देहरादून में 11.90 लाख से अधिक मतदाता

बैठक में बताया गया कि जनपद की 10 विधानसभा सीटों के 2,045 मतदान केंद्रों पर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चल रहा है.

आंकड़ों के अनुसार—

  • कुल प्रारूप मतदाता: 11,90,805
  • अभिलेखों में विसंगति वाले मतदाता: 3,95,772
  • जिनकी मैपिंग शेष है: 1,52,170
  • कुल जारी किए जाने वाले नोटिस: 5,47,942
  • अब तक वितरित नोटिस: 3,91,810
3 अगस्त से शुरू हुई सुनवाई

अधिकारियों ने बताया कि 3 अगस्त से सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदान स्थलों पर सुनवाई शुरू हो चुकी है. निर्धारित तिथियों तक चलने वाली इस प्रक्रिया में मतदाता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपने दावे और आपत्तियों का निस्तारण करा सकेंगे.

सुनवाई के दौरान आधार कार्ड के अलावा आयोग द्वारा मान्य अन्य दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, सरकारी पहचान पत्र और भूमि अथवा आवास संबंधी अभिलेख भी स्वीकार किए जाएंगे.

राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील

बाद में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की संयुक्त अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक हुई.

विजय कुमार जोगदंडे ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे बूथ स्तर पर मतदाताओं तक निर्वाचन आयोग की जानकारी पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं और अधिक से अधिक बूथ लेवल एजेंट (BLA-1 एवं BLA-2) नियुक्त करें, ताकि पुनरीक्षण कार्य निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से पूरा हो सके.

डीएम बोले- कोई पात्र मतदाता न छूटे

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जिले की सभी टीमें माइक्रो लेवल प्लान के तहत कार्य कर रही हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घर-घर जाकर नोटिस वितरण, सत्यापन और लंबित मैपिंग का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए तथा कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे.

उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे अपने बूथ लेवल एजेंटों और कार्यकर्ताओं के माध्यम से मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथियों पर उपस्थित होने के लिए प्रेरित करें, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके.

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