बांकीपुर में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, 30 साल बाद BJP से छीनी नितिन नवीन की सीट

Prashant Kishor Bankipur पटना :  बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन दशक पुराने गढ़ को ध्वस्त कर दिया. प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 18 हजार से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हराया.

चुनाव आयोग के घोषित परिणाम के अनुसार, प्रशांत किशोर को 63,203 वोट मिले, जबकि भाजपा के नीरज सिन्हा को 44,250 वोट प्राप्त हुए. वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की रेखा कुमारी को 14,085 वोट मिले.

Prashant Kishor Bankipur : 30 साल बाद भाजपा के हाथ से निकली बांकीपुर सीट

बांकीपुर विधानसभा सीट वर्ष 1995 से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है. इस सीट पर पहले नवीन किशोर सिन्हा और बाद में भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लगातार चुनाव जीतते रहे.

वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में भी नितिन नवीन ने इस सीट से जीत दर्ज की थी. बाद में भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनके राज्यसभा जाने से सीट खाली हुई, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराया गया. अब इस उपचुनाव में जनसुराज ने भाजपा से यह प्रतिष्ठित सीट छीन ली है.

जीत के बाद पीके ने जनता का जताया आभार

शानदार जीत के बाद प्रशांत किशोर ने बांकीपुर की जनता का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इस चुनाव ने साफ कर दिया है कि जनता की प्राथमिकताएं बदल रही हैं. उन्होंने कहा, “जनता ने अपने वोट के जरिए यह बताया है कि उसकी क्या राय और क्या प्राथमिकता है.” जीत के बाद पीके ने कहा कि ये संदेश पीएम मोदी के लिए हैं.

सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

जीत के बाद प्रशांत किशोर ने भाजपा और बिहार सरकार पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी का बैकग्राउंड आपराधिक है और उन्हें मुख्यमंत्री जैसे पद पर नहीं रहना चाहिए. उन्होंने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से अपील करते हुए कहा कि बिहार को ऐसा नेतृत्व मिलना चाहिए जो राज्य के विकास के लिए काम करे.

‘बिहार से पलायन रुके, यही हमारी प्राथमिकता’

प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता बिहार का विकास है ताकि युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े.  उन्होंने कहा, “हमारी मांग रहेगी कि बिहार का ऐसा विकास हो, जिससे यहां से पलायन पूरी तरह बंद हो जाए.”

जनसुराज के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक सफलता

बांकीपुर की जीत को जनसुराज पार्टी के लिए अब तक की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस परिणाम से बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं.

वहीं, भाजपा के लिए यह परिणाम बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी ने करीब 30 वर्षों से अपने कब्जे वाली सीट इस उपचुनाव में गंवा दी. आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इस नतीजे को बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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