Priyanka Gandhi नई दिल्ली:संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में उस समय जोरदार हंगामा देखने के लिए मिला, जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने नए शिक्षा मंत्री को लेकर एक सख्त टिप्पणी की. उनके बयान पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध जताया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रियंका गांधी के बयान को “चरित्र हनन” करार देते हुए टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने और प्रियंका गांधी से माफी मांगने की मांग की. वहीं, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी बयान को रिकॉर्ड से हटाने की मांग उठाई.
सुनिये प्रियंका गांंधी ने क्या कहा
#WATCH | Delhi | In Lok Sabha, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, ” The Prime Minister appointed a new Education Minister, a person who expressed consent and even happiness over the release of those convicted of raping a pregnant woman… “
Objecting to this, Union Minister… pic.twitter.com/ahJOgjgQDI
— ANI (@ANI) July 28, 2026
Priyanka Gandhi की टिप्पणी से भड़का सत्ता पक्ष
लोकसभा में शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे पर बोलते हुए प्रियंका गांधी ने सरकार पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने नए शिक्षा मंत्री के रूप में “ऐसे व्यक्ति को चुना, जिसने एक गर्भवती रेप पीड़िता के दोषियों की रिहाई पर सहमति व्यक्त की थी.”
इस टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष के सांसद अपनी सीटों से खड़े हो गए और सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया. लोकसभा अध्यक्ष ने प्रियंका गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि बिना तथ्यों के इस तरह के आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए.
#WATCH कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, “प्रियंका जी को अपने बयानों को प्रमाणित करना चाहिए था। फैलाई जा रही गलत सूचना के संबंध में कार्रवाई की जानी चाहिए। क्या कोई कुछ भी कह सकता है और इससे बच सकता है?…… https://t.co/pLOzQAQKMi pic.twitter.com/vwXfItRa02
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 28, 2026
किरेन रिजिजू ने मांगी माफी
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह किसी व्यक्ति के चरित्र पर हमला करने जैसा है. उन्होंने कहा कि संसद में बहस का स्तर बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है.
रिजिजू ने कहा कि यदि प्रियंका गांधी अपने आरोपों की पुष्टि नहीं कर सकतीं, तो उन्हें सदन से माफी मांगनी चाहिए और विवादित बयान को कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए.
प्रह्लाद जोशी ने भी उठाई आपत्ति
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि ऐसे बयान सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि विवादित टिप्पणी को कार्यवाही से हटाया जाए।
सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रियंका का हमला
अपने भाषण में प्रियंका गांधी ने सरकार की शिक्षा और रोजगार नीतियों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने रोजगार सृजित करने वाले क्षेत्रों को लगातार कमजोर किया है.
उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से करोड़ों छात्र प्रभावित हुए, लेकिन किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली. उनके अनुसार, शिक्षा संस्थानों में वैचारिक हस्तक्षेप बढ़ा है और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के गठन के बाद परीक्षा प्रणाली का अत्यधिक केंद्रीकरण हुआ है.
प्रियंका गांधी ने यह भी दावा किया कि शिक्षा बजट में लगातार कमी आई है और सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा पर खर्च, बड़े उद्योगपतियों के माफ किए गए ऋण से भी कम है.
छात्रों का भरोसा टूटा: प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने कहा कि देश के युवाओं का शिक्षा व्यवस्था से विश्वास उठ चुका है. उनका कहना था कि केवल उसी व्यवस्था के भीतर समाधान खोजने से भरोसा वापस नहीं आएगा, बल्कि इसके लिए व्यापक और ठोस सुधारों की आवश्यकता है.
उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद में उनका स्वागत ऐसे किया गया जैसे कोई “सुपरस्टार” आया हो, जबकि दूसरी ओर कई छात्र और उनके परिवार गंभीर मानसिक पीड़ा से गुजर रहे हैं.
आरएमएल अस्पताल का भी किया जिक्र
प्रियंका गांधी ने अपने भाषण में आरएमएल अस्पताल के दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां घायल छात्रों का इलाज चल रहा था. उन्होंने दावा किया कि एक पीड़ित छात्रा की मां नेताओं के आने-जाने से बेहद आहत थी और न्याय की मांग कर रही थी.
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस, लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया गया. उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से इस मामले में जवाब देने की मांग की.
‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से पूछना चाहती हूं कि क्या जरूरत थी उन पर आंसू गैस, लाठियां चलवाने की. लड़कियों के कपड़े फाड़ने की. बच्चियों को जलील करने की. क्या वे आतंकी थे.’
– प्रियंका गांधी pic.twitter.com/9qnq7iTW9t
— Lutyens Media (@LutyensMediaIN) July 28, 2026
सदन में बढ़ा राजनीतिक टकराव
प्रियंका गांधी के भाषण के बाद लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. सत्ता पक्ष ने उनके बयान को आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की, जबकि विपक्ष सरकार की शिक्षा नीति, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर लगातार सवाल उठाता रहा.

