नई दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले चल रहे विरोध प्रदर्शन और धरने के माहौल के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई फर्जी वीडियो और भ्रामक सामग्रियां तेजी से वायरल हो रही हैं। इन झूठी और मनगढ़ंत खबरों पर नकेल कसते हुए दिल्ली पुलिस ने आज यानी शनिवार को दोपहर डेढ़ बजे एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें पुलिस अधिकारियों ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं।
पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स से फैलाई जा रही है झूठी खबरें
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से बताया कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में बैठे शरारती तत्वों द्वारा संचालित किए जा रहे कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए लगातार भ्रामक जानकारियां और झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं। उद्देश्य केवल देश की आंतरिक शांति को भंग करना और आम जनता को गुमराह करना है।
डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, 'हमारी तकनीकी जांच में इस बात का पुख्ता खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले कुछ संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल जानबूझकर भ्रामक और फर्जी कंटेंट फैला रहे हैं। दिल्ली पुलिस, अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे तमाम असामाजिक और राष्ट्रविरोधी अकाउंट्स की पहचान करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है।'
एआई (AI) और डीपफेक तकनीक का हो रहा है दुरुपयोग
पुलिस ने खुलासा किया कि राष्ट्रविरोधी तत्व अब आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
जांच में यह बात सामने आई है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जनरेटेड कंटेंट, अत्याधुनिक डीपफेक वीडियो, मॉर्फ्ड और एडिटेड तस्वीरों का इस्तेमाल करके प्रदर्शन से जुड़ा पूरी तरह गलत और भड़काऊ डेटा सोशल मीडिया पर परोसा जा रहा है।
डीसीपी ने जानकारी दी कि अब तक ऐसे 400 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर ली गई है, जो इस तरह का आपत्तिजनक और समाज में विद्वेष फैलाने वाला कंटेंट प्रसारित कर रहे थे। इन सभी हैंडल्स को संबंधित प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से तुरंत ब्लॉक कर दिया गया है।
'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी सक्रिय थे ये फर्जी हैंडल
दिल्ली पुलिस ने यह भी बताया कि यह कोई पहली बार नहीं है जब इन विदेशी हैंडल्स ने इस तरह की नापाक हरकत की हो। इससे पहले 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी इसी तरह के कई फर्जी अकाउंट्स भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने और फेक न्यूज फैलाने में अत्यधिक सक्रिय पाए गए थे।
इन सोशल मीडिया अकाउंट्स ने अतीत में कई वरिष्ठ और जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों के आधिकारिक बयानों को तोड़-मरोड़कर (एडिट करके) पेश किया था, तथा वीडियो विजुअल्स में शातिर तरीके से हेरफेर करके देश के आम नागरिकों को गुमराह करने का असफल प्रयास किया था।
कानूनी चेतावनी और जनता से अपील
दिल्ली पुलिस ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाली किसी भी अप्रमाणित खबर, भ्रामक वीडियो या संदेश पर तुरंत विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा (शेयर) करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भ्रामक और फर्जी खबरें फैलाकर देश की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों और सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ साइबर सेल द्वारा बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

