जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित धुरगुड़ा प्रयास आवासीय विद्यालय के सैकड़ों स्कूली छात्र अचानक बस में सवार होकर कलेक्टरेट कार्यालय पहुंच गए और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ गंभीर मोर्चा खोल दिया। छात्रों ने स्कूल प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने और उनकी पढ़ाई व सुविधाओं के साथ खिलवाड़ करने का बड़ा आरोप लगाया है। अचानक इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के कलेक्टर ऑफिस पहुंचने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
बिना वजह शिक्षकों को हटाने से पढ़ाई हो रही प्रभावित
छात्रों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनके स्कूल से लगातार शिक्षकों को बिना किसी ठोस या स्पष्ट वजह के हटाया जा रहा है, जिसके कारण उनकी बोर्ड परीक्षाओं और नियमित कक्षाओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, स्कूल में अजब-गजब फरमान सुनाए जा रहे हैं:
पंखे और लाइट बंद रखने का दबाव: छात्रों का आरोप है कि क्लासरूम में पंखे और लाइटें बंद करवा दी जाती हैं और यह हवाला दिया जाता है कि स्कूल का सालाना 57 लाख रुपये का भारी-भरकम बिजली बिल आ रहा है।
हॉस्टल के खाने में कीड़े मिलने और प्रताड़ना का गंभीर आरोप
विद्यालय के हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए छात्रों ने कहा कि उन्हें बेहद घटिया क्वालिटी का खाना परोसा जाता है, जिसके अंदर अक्सर कीड़े निकलते हैं।
प्रिंसिपल और वार्डन की मिलीभगत: जब छात्र अपनी इन समस्याओं की शिकायत लेकर प्रिंसिपल के पास पहुंचे, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया और सारा ठीकरा वार्डन पर फोड़ दिया। इसके साथ ही छात्रों आरोप है कि उन्हें चुप रहने के लिए धमकियां भी दी जाती हैं।
एसडीएम की समझाइश के बाद माने छात्र
कलेक्टर कार्यालय के बाहर छात्रों के इस उग्र प्रदर्शन और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हुआ। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने आक्रोशित छात्रों से लंबी बातचीत की और उनकी सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराकर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने और उचित कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद छात्र शांत हुए और वापस लौट गए।

