नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राष्ट्रीय राजधानी में सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई। एक तरफ जहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद भवन परिसर स्थित कार्यालय में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, वहीं दूसरी तरफ परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे संगठनों के 'संसद मार्च' के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के दौरान पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इस हंगामे के बीच छात्रों की आवाज उठा रहे समाजवादी पार्टी के कई सांसदों को भी हिरासत में ले लिया गया।
संसद के मानसून सत्र का पहला दिन हंगामेदार, पांच बार कार्यवाही स्थगित
मानसून सत्र के पहले दिन की शुरुआत ही जोरदार हंगामे के साथ हुई। विपक्षी दलों के कड़े तेवरों और हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही दिनभर में पांच बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी सांसद नीट (NEET) पेपर लीक मामले और अन्य गंभीर मुद्दों पर सदन में तत्काल चर्चा की मांग को लेकर अड़े रहे, जिसके चलते विधायी कामकाज बाधित हुआ।
संसद मार्च के दौरान हंगामा, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जब संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कड़े प्रबंध किए थे। पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के पास जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पार करने लगे, तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई, जिसमें दिल्ली पुलिस का एक उप-निरीक्षक घायल हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर संसद परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
समाजवादी पार्टी के सांसदों की गिरफ्तारी पर भड़के अखिलेश यादव
सपा ने दावा किया कि शांतिपूर्ण तरीके से छात्रों की आवाज उठा रहे उनके कई सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिनमें मैनपुरी से लोकसभा सांसद डिंपल यादव भी शामिल हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार बच्चों की बात सुनना ही नहीं चाहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर परीक्षा में गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह नाकाम रही है और विरोध करने वाले छात्रों व जनप्रतिनिधियों के साथ अलोकतांत्रिक व्यवहार किया जा रहा है।
दिग्गजों की मौजूदगी और अन्य राज्यों में प्रदर्शन
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचे और उन्होंने संविधान की प्रति लहराई। इसके अलावा, गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, जूनागढ़ और भावनगर जैसे प्रमुख शहरों में भी दिल्ली में चल रहे इस आंदोलन और समर्थन में प्रदर्शन हुए, जहां पुलिस ने बिना अनुमति के इकट्ठा हुए कई लोगों को हिरासत में लिया।

