ओम बिरला पर भड़के राहुल गांधी बोले- स्पीकर सदन में छात्रों की आवाज़ उठाने सरकार से पूछकर देंगे इजाजत

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी Rahul Gandhi ने पेपर लीक और सोमवार को CJP के संसद मार्च में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे गंभीर मुद्दों पर सदन में तत्काल चर्चा की मांग की है. स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाना चाहती है और इन मुद्दों पर चर्चा के लिए सरकार से अनुमति लेने की बात कही गई है.
मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने पूछा अगर भारत के युवाओं और छात्रों के भविष्य पर संसद में चर्चा नहीं होगी, तो यह सदन किस लिए है. इस विषय को लेकर संसद में विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है और सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है.

स्पीकर ओम बिरला से मिले Rahul Gandhi

मंगलवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर नेता विपक्ष राहुल गांधी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिले. अपनी मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर देते हुए राहुल गांधी ने तस्वीरों के साथ एक्स पर लिखा, “आज विपक्ष के MPs के साथ माननीय लोकसभा स्पीकर से मिले.
हमारी मांग सीधी है: पार्लियामेंट में कल स्टूडेंट्स पर हुई बेरहमी और एग्जाम की मुश्किल के लिए सरकार की पूरी तरह से गैर-ज़िम्मेदारी पर डिटेल में चर्चा होनी चाहिए.
स्टूडेंट्स को उनके अपने भविष्य के बारे में सही सवाल पूछने पर पीटा गया.
अगर पार्लियामेंट भारत के युवाओं के भविष्य पर चर्चा नहीं कर सकती, तो वह किस काम की?
विपक्ष इसे दबने नहीं देगा. हम यह पक्का करेंगे कि स्टूडेंट्स की आवाज़ सड़कों पर और पार्लियामेंट में सुनी जाए.”

स्पीकर ने कहा चर्चा के लिए सरकार से ‘परमिशन’ लेनी होगी- Rahul Gandhi

राहुल गांधी ने इस मुलाकात के बाद मीडिया को दिए अपने बयान में इस बात पर हैरानी जताई की स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि छात्रों पर हुई लाठीचार्ज के मुद्दे पर चर्चा के लिए उन्हें सरकार से ‘परमिशन’ लेनी होगी.
राहुल गांधी ने कहा, “हमने लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर संसद में छात्रों के मुद्दों पर चर्चा करने की मांग की. लेकिन लोकसभा स्पीकर ने कहा है कि चर्चा करवाने के लिए उन्हें सरकार से ‘परमिशन’ लेनी होगी. ये छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, जिन्हें मारा-पीटा जा रहा है, जो ठीक नहीं है. नरेंद्र मोदी ने इसके लिए माफी तक नहीं मांगी है. ये युवा देश की ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.

छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर राज्यसभा में भड़के खड़गे

इससे पहले राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “हमारे देश के हजारों छात्र पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. लेकिन इस सरकार ने उनके ऊपर लाठीचार्ज करवाया. उन्हें मारा-पीटा गया और उनके ऊपर आंसू गैस के गोले दागे गए. ये बहुत ही निंदनीय घटना है.

प्रियंका गांधी ने की शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी छात्रों पर लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा, “पेपर लीक का मुद्दा कांग्रेस बहुत पहले से उठा रही है. बार-बार पेपर लीक हो रहा है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. अब देश के युवा समझ रहे हैं- उनके मां-बाप लोन लेकर उनको पढ़ाते हैं, लेकिन उनका भविष्य क्या है? उत्तर प्रदेश में मुझे 26,27 साल के बच्चे मिले थे, उनकी शादियां तक नहीं हो रही हैं. वो इंतेजार करते हैं नियुक्ति पत्र का, लेकिन पेपर लीक हो जाता है. ये बहुत गंभीर मुद्दा है, इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लिया जा सकता है. हम सदन में चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष को बात उठाने नहीं दिया जाता है. ये सदन उन्हीं युवाओं का है जिनपर सरकार लाठी चला रही है, आंसू गैस के गोले छोड़ रही है. बच्चों की बात सुनी जाए और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिया जाए.

इस बीच छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर संसद में मंगलवार को भी विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. विपक्ष सरकार से इस मुद्दे पर बयान देने और सदन में चर्चा की मांग को लेकर नारे बाजी कर रहा है जिसके चलते बार-बार दोनों सदनों को स्थगित करना पड़ रहा है.

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