बिलासपुर| बिलासपुर में हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। शहर के कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। लोगों के घरों का राशन, दुकान का सामान, सरकारी चिकित्सा संस्थान और पेट्रोल पंप तक क्षतिग्रस्त हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने दशकों बाद तबाही का ऐसा मंजर देखा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को जलभराव वाले इलाकों में नाव का सहारा लेकर लोगों तक पहुँचना पड़ रहा है। पीड़ित अपनी बर्बादी का मुआवजा पाने के लिए प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। वहीं, पिछले दो दिनों से प्रशासन द्वारा बिलासपुर संभाग के निवासियों को भारी बारिश को लेकर मोबाइल पर लगातार अलर्ट और सतर्क रहने की चेतावनी भेजी जा रही है।
400 से अधिक मकानों में भरा पानी
भारी बारिश के कारण 400 से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है, जिसके चलते लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हैं। प्रभावित लोग अपने रिश्तेदारों के यहां या सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं। घरों में 5 से 10 फीट तक पानी भरने से राशन, कपड़े, बिस्तर और बर्तन जैसे आवश्यक सामान पूरी तरह खराब हो गए हैं। कई कच्चे घर इस जलप्रलय में ढह गए हैं।
नेताओं के बयान पर भड़के लोग
इस संकट की घड़ी में जब बिलासपुर के विधायक अमर अग्रवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के साथ खड़े होने की बात कही, तो लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर अधिकारियों व नेताओं के प्रति भारी आक्रोश देखा गया।
90 साल बाद देखा गया तबाही का मंजर
बिलासपुर के लोगों के लिए लगातार हो रही बारिश और घरों का जलमग्न होना सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, लगभग 90 साल बाद शहर ने इस तरह का भयावह मंजर झेला है। अब जनता की नजरें प्रशासन, कलेक्टर, कमिश्नर और मेयर जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस आपदा से निपटने और आमजन को राहत पहुँचाने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।

