Rahul Gandhi on Sonam Wangchuk नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद राहुल गांधी का पहला रियेक्शन सामने आया है. इस मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट लिखकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.
Rahul Gandhi on Sonam Wangchuk : राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि “मोदी सरकार का मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा है. सोनम वांगचुक जी को जंतर-मंतर से तब हटाना गलत है, जब वह एक अहिंसक भूख हड़ताल पर थे. पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या भारत के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दे हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि “कोई भी ताकत भारत के छात्रों और उन लोगों को, जो उनसे प्यार करते हैं और उन पर विश्वास करते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती.”
21वें दिन बिगड़ी तबीयत,पुलिस जबरन अस्पताल ले गई
पिछले 20 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक की चजब हालत बिगड़ने लगी तब दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई. पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप की गई.
पुलिस का कहना है कि लंबे समय से भूख हड़ताल और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति कमजोर हो गई थी, इसलिए उन्हें तत्काल चिकित्सकीय निगरानी में रखना आवश्यक था.
अस्पताल और जंतर-मंतर के आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा
सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद सफदरजंग अस्पताल और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है. कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाकर लोगों की आवाजाही और भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है.
विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासत तेज
सोनम वांगचुक का आंदोलन NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा है. उन्हें अस्पताल ले जाने के बाद विपक्ष ने सरकार पर आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया है, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह स्वास्थ्य संबंधी कारणों और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की गई. ऐसे में यह मामला अब राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है. 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरु होने जा रहा है. ऐसे में कयास लगाये जा रहे हैं कि विपक्ष इस मुद्दा बनाने से पीछे नहीं हटेगा.

