पटना (अभिषेक झा) बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के 75वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बीपीएएसी के खाली पद भरे जायेंगे. अगले 5 दिन में BPSC के 3 खाली पदों को भरा जायेगा. इसके लिए मुख्य सचिव को निर्देश भी दे दिया गया है.इस समारोह के दौरान CM नीतीश कुमार ने कहा कि BPSC की मुख्य परीक्षा में बंपर मार्क्स और इंटरव्यू में कम मार्क्स वाले अभ्यर्थियों पर नजर रखा जाएगी. दरअसल सीएम नीतीश कुमार ने ये कह कर बीपीएससी बोर्ड मे व्याप्त उस भ्रष्टाचार के आरोप को हवा दे दी है जिसके बारे मे कहा जा है कि बोर्ड में पैसे लेकर नौकरियां बेची जाती हैं.

बीपीएससी में पारदर्शिता जरुरी
सीएम नीतीश कुमार ने अपनी बात को विस्तार देते हुए कहा कि BPSC बोर्ड के 75वें साल में इसका और विस्तार होना चाहिये और यहां होने वाले कार्यकलापों में पारदर्शिता की वकालत की . कहा उन अभ्यर्थियो पर नजर रखी जायेगी, जिनके लिखित परीक्षा में तो बंपर नंबर आते है लेकिन इंटरव्यू में जाकर उनके नंबर कम हो जाते हैं, अगर ये संदेश हो कि लिखित में ज्यादा नंबर आता है और इंटरव्यू में कम तो संदेह के घेरे मे रखा जायेगा.
ये सरकार की स्वीकारोक्ति है- बीजेपी
सीएम नीतीश कुमार के बयान को बीजेपी ने हाथोंहाथ लिया. बिहार में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा है नीतीश कुमार का ये बयान अपने आप में स्वीकारोक्ति है. ये स्वीकारोक्ति है कि बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा नियुक्ति में गड़बड़ी होती है.विजय सिन्हा ने कहा कि राज्य में सब जगह यही चर्चा है कि माफिया इन परीक्षाओं में विभिन्न पदों का अलग अलग दाम रखकर उसकी बिक्री करते हैं.पिछले वर्ष प्रश्न पत्र लीक किया जाना उसी लक्ष्य की प्राप्ति का एक कदम था.

संस्था की विश्वसनीता गिर चुकी है- विजय सिन्हा
विजय सिन्हा ने बिहार सरकार को घेरते हुए कहा कि बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग, बिहार लोक आयोग, बिहार तकनीकी सेवा आयोग,बिहार केंद्रीय चयन पर्षद, सहित सभी अन्य भर्ती के लिए जिम्मेदार संस्थाओं को पारदर्शी एवं भ्रस्टाचार मुक्त बनाने की जरूरत है.राज्य के लोग जानते हैं कि इन कई संस्थाओं के अध्यक्ष,सचिव एवं अन्य कर्मियों को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल में डाला जा चुका है.इन संस्थाओं की विश्वसनीयता जनता की नजर में गिर चुकी है.
विजय सिन्हा ने कहा कि आज राज्य में जमीन के बदले नौकरी देने वाले की सरकार चल रही है.लोक संस्थाओं को निजी स्वार्थ हेतु ध्वस्त करने की इन्होंने परम्परा बनायी है. राज्य सरकार ऑनलाइन परीक्षा में हो रही फर्जीवाड़े को रोकने में विफल है.मेधावी छात्रों का हक़ मार कर सेटिंग्स के द्वारा पैसा पर सरकारी नौकरी बेची जा रही है.इसे शीघ्र रोकना सरकार की जिम्मेवारी है.
विजय सिन्हा ने आश्चर्य व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री राज्य कार्य से अनभिज्ञ हैं.इसका खुलासा उन्होंने स्वयं समारोह में किया.बीपीएससी में मात्र 3 सदस्य हैं और तीनों पद खाली है,यह जानकारी उसी सभा में हुई.बीपीएससी सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन आता है जिसके मंत्री स्वयं मुख्यमंत्री हैं. भरी सभा में मुख्य सचिव के नकारा होने पर टिप्पणी की और कहा कि आप बस लम्बी चौड़ी बात करते हैं।मुख्यमंत्री का यह वक्तव्य प्रशाशनिक विफलता को दर्शाता है.

