1000 करोड़ का निवेश घोटाला, शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1500 लोगों से ठगी; मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Chhattisgarh Investment Scam दुर्ग : छत्तीसगढ़ में निवेश के नाम पर हुई अब तक की सबसे बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ईटीएफ में निवेश के बहाने 1000 से 1500 लोगों से लगभग 1000 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। इस बड़े आर्थिक घोटाले का मुख्य आरोपी योगेश साहू बुधवार को दुर्ग कोर्ट परिसर में सरेंडर करने पहुंचा था, जहां उसे सतर्क निवेशकों ने पहचान लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल, पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सुपेला थाना पुलिस को सौंप दिया है।

Chhattisgarh Investment Scam: मुनाफे का लालच देकर रचा जाल

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी योगेश साहू खुद को चार्टर्ड अकाउंटेंट बताकर स्मृति नगर में ‘एरिना कैपिटल’ नाम से कार्यालय चला रहा था। वह निवेशकों को शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ईटीएफ में निवेश पर 5 से 20 प्रतिशत तक का आकर्षक मुनाफा देने का वादा करता था। शुरुआती दौर में लोगों का विश्वास जीतने के लिए उसने कुछ निवेशकों को 10 प्रतिशत तक रिटर्न भी दिया, लेकिन बाद में बड़ी रकम लेकर वह फरार हो गया।

मामला दर्ज और अन्य आरोपियों की तलाश

सुपेला पुलिस ने योगेश साहू के साथ-साथ मेघा साहू, गोविंद साहू, राजेंद्र साहू, पद्मा साहू, लोमश साहू और ज्ञानप्रकाश साहू सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि वर्तमान में दर्ज एफआईआर में ठगी की राशि 3 करोड़ रुपये से अधिक है, लेकिन जांच के दायरे में आने के साथ ही यह आंकड़ा 1000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। मामले में अन्य नामजद आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

जांच का दायरा और पीड़ितों से अपील

पुलिस को पहले भी योगेश साहू के खिलाफ कई शिकायतें मिल चुकी हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जैसे-जैसे नए पीड़ित सामने आएंगे, उनके बयानों और साक्ष्यों के आधार पर नए प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी लुभावने निवेश प्रस्तावों के झांसे में आने से पहले पूरी तरह सतर्क रहें। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग की ओर से जांच तेज कर दी गई है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

Latest news

Related news