सोशल मीडिया पर मदद की पुकार, नोएडा पुलिस की फुर्ती से टला बड़ा हादसा

ग्रेटर नोएडा। पुलिस की त्वरित कार्यप्रणाली और आधुनिक तकनीक के बेहतरीन तालमेल से एक 38 वर्षीय ट्रक चालक को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया गया। अपनी पत्नी से हुए घरेलू विवाद के बाद अत्यधिक मानसिक तनाव और अवसाद में घिरे इस व्यक्ति ने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया था। उसने इस खौफनाक कदम को उठाने से ठीक पहले इसका एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर लाइव प्रसारित कर दिया, जिससे चारों तरफ हड़कंप मच गया।

इंस्टाग्राम वीडियो के बाद मेटा कंपनी ने जारी किया आपातकालीन अलर्ट

घटनाक्रम के अनुसार, पीड़ित व्यक्ति ने जैसे ही आत्महत्या से संबंधित वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गया। मेटा कंपनी की ओर से सुबह लगभग 10:57 बजे मुख्यालय पुलिस महानिदेशक स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के जरिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आपातकालीन अलर्ट भेजा गया। इस अलर्ट में व्यक्ति द्वारा उठाए जा रहे आत्मघाती कदम की पूरी जानकारी दी गई थी, जिसके बाद बिना एक पल गंवाए मीडिया सेल सेंटर ने इस संवेदनशील सूचना को तत्काल कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की स्थानीय टीम को ट्रांसफर कर दिया।

दादरी पुलिस ने तकनीक की मदद से ट्रेस की रियल-टाइम लोकेशन

गंभीर सूचना मिलते ही दादरी थाना पुलिस की एक विशेष टीम को तुरंत काम पर लगाया गया। पुलिस ने अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम और साइबर सेल की मदद से इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर के आधार पर उस व्यक्ति की रियल-टाइम लोकेशन को ट्रैक करना शुरू किया। समय बहुत कम था और व्यक्ति की जान दांव पर लगी थी, लेकिन तकनीकी सूझबूझ के कारण पुलिस ने कुछ ही मिनटों में उसकी सटीक लोकेशन का पता लगा लिया कि वह इस समय किस क्षेत्र में मौजूद है।

एन वक्त पर पहुंचकर पुलिस ने युवक को सुरक्षित बचाया

सटीक लोकेशन मिलते ही दादरी पुलिस की पीसीआर वैन और स्थानीय पुलिसकर्मी तेजी से मौके की तरफ रवाना हुए। पुलिस टीम ने आत्मघाती कदम उठाने से ऐन पहले उस व्यक्ति को ढूंढ निकाला और उसे अपनी कस्टडी में ले लिया। समय रहते पुलिस की मौजूदगी ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। सुरक्षित बचाए जाने के बाद पुलिस अधिकारियों और काउंसलर्स ने उस व्यक्ति से बातचीत की, जहां पारिवारिक कलह और अवसाद की बात सामने आई।

काउंसलिंग के बाद परिजनों को सौंपा गया सकुशल चालक

सफलतापूर्वक रेस्क्यू करने के बाद पुलिस ने ट्रक चालक को मानसिक संबल दिया और उसकी उचित काउंसलिंग कराई ताकि वह दोबारा ऐसा आत्मघाती विचार मन में न लाए। इसके बाद उसके परिवार के सदस्यों को थाने बुलाया गया और पूरी स्थिति से अवगत कराते हुए उसे सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया। स्थानीय लोगों और पीड़ित के परिवार ने पुलिस की इस त्वरित सूझबूझ और तकनीकी मुस्तैदी की जमकर सराहना की है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को उजड़ने से बचा लिया।

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