Hemkund Sahib Dispute :उत्तराखंड में हेमकुंड साहिब यात्रा और कर्णप्रयाग पार्किंग विवाद से जुड़े घटनाक्रम के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. गुरुवार देर रात उत्तराखंड-हरियाणा सीमा पर निहंग सिखों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है.
#WATCH | Akali Jasdeep Singh says, “We have 3 main demands. First, the Police officer who filed the case against Singhs did wrong. It is very clear as to who initiated the matter. The IO (Investigation Officer) should be terminated. Second, action should be taken against guilty… https://t.co/o9cTfmW4ZQ pic.twitter.com/ZIJY8hpCBw
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 25, 2026
Hemkund Sahib Dispute:विकासनगर-कुल्हाल सीमा पर निहंगों का हंंगामा
हेमकुंड साहिब यात्रा के बीच उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. गुरुवार देर रात विकासनगर-कुल्हाल सीमा पर निहंग सिखों और उत्तराखंड पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई. पुलिस ने राज्य की सीमा पर बैरिकेडिंग लगाकर जत्थे को रोकने का प्रयास किया, लेकिन निहंग सिख बैरिकेड्स पर चढ़ गए और उन्हें हटाकर उत्तराखंड में प्रवेश कर गए.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस दौरान मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा. कई निहंग सिख तलवारें और पारंपरिक हथियार लहराते दिखाई दिए, जिससे सुरक्षा बलों को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
वाहनों में तोड़फोड़ का आरोप
पुलिस का आरोप है कि सीमा पर मौजूद कुछ निहंग सिखों ने वहां खड़े वाहनों पर हमला किया और कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए. घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई.
देहरादून के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पंकज गैरोला ने पुष्टि की कि कुछ निहंग बैरिकेड हटाकर राज्य में प्रवेश करने में सफल रहे. उन्होंने कहा कि पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना है और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है.
क्या है पूरा विवाद?
पूरा विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग में हुए पार्किंग विवाद से जुड़ा है. उस घटना के बाद पुलिस ने कई निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था. निहंग संगठनों का कहना है कि उनके साथियों पर गलत कार्रवाई की गई है और उन्हें बिना किसी अपराध के जेल भेजा गया है.
इसी गिरफ्तारी के विरोध में पंजाब से बड़ी संख्या में निहंग सिख उत्तराखंड पहुंचे हैं और अपने साथियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं.
निहंग सिखों की क्या है मांग?
निहंग सिखों का कहना है कि वे गिरफ्तार साथियों को अपने साथ लेकर पंजाब लौटना चाहते हैं. उनका दावा है कि कर्णप्रयाग की घटना में उनकी कोई गलती नहीं थी और प्रशासन को उन्हें सम्मानपूर्वक रिहा करना चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी तरह का संघर्ष करना नहीं है. वे केवल “सतनाम वाहेगुरु” का जाप करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन करना चाहते हैं.
निहंग प्रतिनिधियों के अनुसार प्रशासन की ओर से उन्हें भरोसा दिया गया है कि गिरफ्तार साथियों की जमानत प्रक्रिया जल्द पूरी कराने का प्रयास किया जाएगा. हालांकि उन्होंने साफ कहा है कि जब तक उनके साथी रिहा नहीं होंगे, वे वापस नहीं लौटेंगे.
प्रशासन अलर्ट मोड पर
घटना के बाद उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. विकासनगर, देहरादून, कर्णप्रयाग और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि यात्रा और कानून-व्यवस्था दोनों प्रभावित न हों.
प्रशासन का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी.. वहीं दूसरी ओर पुलिस और निहंग प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर भी जारी है ताकि विवाद का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जा सके.
फिलहाल क्या है स्थिति?
ताजा जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है. हेमकुंड साहिब यात्रा फिलहाल जारी है, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है.





