दिल्ली। दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान हुए मामूली विवाद में मेट्रो रेल के एक सुरक्षा गार्ड की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर 'योगा एक्सप्रेस' में सवार होकर कानून की गिरफ्त से भागने की फिराक में थे। हालांकि, मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और सभी आठ आरोपियों को दबोच लिया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस ने आरोपियों को दिल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी इस खूनी खेल के बाद उत्तराखंड के देहरादून या ऋषिकेश के वनांचलों में छिपने की योजना बना रहे थे।
ट्रेन में चढ़ने के विवाद में सुरक्षा गार्ड को मरणासन्न होने तक पीटा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम खेकड़ा के निवासी पंकज धामा (पुत्र राजेंद्र धामा) दिल्ली मेट्रो में बतौर सुरक्षा गार्ड तैनात थे। शुक्रवार की रात अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद वह घर वापस लौटने के लिए शनिवार की सुबह करीब 7 बजे पुरानी दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। स्टेशन पर ट्रेन के सामान्य डिब्बे में सवार होने के दौरान कुछ स्थानीय युवकों से उनकी कहासुनी और धक्का-मुक्की हो गई।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि युवकों ने कानून अपने हाथ में ले लिया और गार्ड पंकज धामा पर लात-घूंसों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपी उन्हें मरणासन्न हालत में प्लेटफॉर्म पर छोड़कर मौके से फरार हो गए। रेलवे पुलिस ने तुरंत घायल पंकज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर हमलावरों की पहचान की।
उत्तर प्रदेश रेलवे पुलिस को मिला अलर्ट, मुजफ्फरनगर में हुई घेराबंदी
जांच के दौरान तकनीकी इनपुट से पता चला कि हत्या के सभी आरोपी हरिद्वार-ऋषिकेश जाने वाली योगा एक्सप्रेस में सवार हो चुके हैं। इसके बाद दिल्ली रेलवे पुलिस ने तुरंत उत्तर प्रदेश के सभी अलर्ट स्टेशनों को सूचना भेजी।
मुजफ्फरनगर जीआरपी थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही योगा एक्सप्रेस में तैनात सुरक्षा एस्कॉर्ट टीम से संपर्क साधा गया। जैसे ही ट्रेन मुजफ्फरनगर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी, जीआरपी ने ट्रेन के जनरल कोच को चारों तरफ से घेर लिया और यात्रा कर रहे सभी आठ मुख्य आरोपियों को कस्टडी में ले लिया।
पकड़े गए सभी आरोपी दिल्ली के निवासी, हत्या का मुकदमा दर्ज
जीआरपी के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान रोहित (पुत्र कैलाश), सागर (पुत्र पप्पू), हर्षित (पुत्र हरवीर), निशांत (पुत्र महेंद्र), जीवन (पुत्र दिलीप), प्रिंस (पुत्र धर्मेंद्र), आकाश (पुत्र सुरेंद्र) और रोहित (पुत्र राजू) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी दिल्ली के शाहदरा अंतर्गत आने वाली न्यू संजय अमर कॉलोनी, विश्वास नगर के निवासी हैं।
स्थानीय स्तर पर कागजी औपचारिकताएं और पूछताछ पूरी करने के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस ने सभी आरोपियों को दिल्ली जीआरपी की स्पेशल टीम के हवाले कर दिया, जो उन्हें अपने साथ दिल्ली ले गई है। इस हत्याकांड के संदर्भ में पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के जीआरपी थाने में आरोपियों के खिलाफ हत्या (मर्डर) की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

