उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार को कमर्शियल ऑपरेशन शुरू हो गए. लखनऊ और बेंगलुरु के लिए पहली फ्लाइट्स और राज्य की राजधानी के लिए एक चार्टर फ्लाइट से किसान आए, जिनकी ज़मीन इस फैसिलिटी के लिए ली गई थी. इससे नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में एविएशन नेटवर्क को मज़बूती मिलने की उम्मीद है. इस एयरपोर्ट के चालू होने की खुशी सोशल मीडिया पर भी दिखी जहां #Jewar_ki_Udaan ट्रेंड कर रहा है.
#WATCH उत्तर प्रदेश | जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कमर्शियल फ़्लाइट ऑपरेशन शुरू हो गए हैं। यहाँ लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो की पहली शेड्यूल्ड फ़्लाइट 6E-2278 पहुँची।
यह फ़्लाइट अपनी यात्रा जारी रखते हुए बेंगलुरु जाएगी और वहाँ सुबह 11:05 बजे… pic.twitter.com/5ZtiR05pgP
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 15, 2026
प्रधानमंत्री का एयरपोर्ट का विज़न सच हो गया-किंजरापु राम मोहन नायडू
सिविल एविएशन मिनिस्टर किंजरापु राम मोहन नायडू, जिन्होंने चार्टर और बेंगलुरु के लिए पहली फ़्लाइट को हरी झंडी दिखाई, ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बड़े कैचमेंट एरिया को पूरा करने वाले एयरपोर्ट का विज़न सच हो गया है. उन्होंने उन किसानों को बधाई दी, जिन्होंने एयरपोर्ट को सच बनाने के लिए अपनी ज़मीन दी, जिसे उन्होंने एक ज़रूरी और प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट बताया.
#WATCH गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश | केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर में एयरपोर्ट के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए। pic.twitter.com/beCcjKgpWG
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 15, 2026
#Jewar_ki_Udaan: सीएम योगी का है किसानों को पहली फ्लाइट में ले जाने का आइडिया
नायडू ने कहा कि किसानों को लखनऊ ले जाने वाली पहली चार्टर फ़्लाइट उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आइडिया था. “यह सम्मान का एक सिंबल है जो हम किसानों को देना चाहते हैं ताकि वे मुख्यमंत्री से मिलें.”
नायडू ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली और हिंडन (गाज़ियाबाद) एयरपोर्ट के बाद NCR में “एक और हीरा” कहा. उन्होंने नए एयरपोर्ट के बड़े कैचमेंट एरिया का ज़िक्र किया और कहा कि यह एक्सप्रेसवे नेटवर्क और प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की वजह से ऐतिहासिक शहर आगरा को भी पूरा कर सकता है.
एयरपोर्ट से होगा नोएडा का विकास
उन्होंने कहा कि जहां भी कोई एयरपोर्ट शुरू होता है, उसके आस-पास बहुत बड़ी इकॉनमिक एक्टिविटी होती है. नायडू ने कहा, “…यह राज्य सरकार और भारत सरकार का विज़न है… कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ट्रांसपोर्टेशन के हब के तौर पर बढ़े… इसे सही मायने में एक एयरोट्रोपोलिस [एयरपोर्ट के आस-पास का सब-रीजन] बनना होगा।” नायडू ने कहा कि सरकार चाहती है कि जेवर के आस-पास कई इंडस्ट्री आएं, और एक मज़बूत इकॉनमिक बेस और नौकरियां बनें. उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में उत्तर प्रदेश जितने एयरपोर्ट नहीं हैं और सभी मेट्रो शहरों में दूसरा एयरपोर्ट होगा. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के वाइस-चेयरमैन क्रिस्टोफ़ श्नेलमैन ने कहा कि सालों की प्लानिंग, कोलेबोरेशन और हज़ारों लोगों की डेडिकेटेड कोशिशों से नया एयरपोर्ट सच हुआ है. उन्होंने कहा कि इसे उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार, पार्टनर्स, स्टेकहोल्डर्स और लोकल कम्युनिटीज़ के विज़न और सपोर्ट से बनाया गया है.
मार्च में पीएम मोदी ने किया था एयरपोर्ट का उद्घाटन
मार्च में, मोदी ने 137,985 स्क्वायर मीटर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था.यह NCR का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है और इसमें एक कार्गो हब भी है, जिसकी शुरुआती हैंडलिंग कैपेसिटी सालाना 250,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा है, जिसे बढ़ाकर लगभग 1.8 मिलियन मीट्रिक टन किया जा सकता है. एयरपोर्ट की शुरुआती पैसेंजर हैंडलिंग कैपेसिटी सालाना 12 मिलियन पैसेंजर होगी, जिसे बढ़ाकर 70 मिलियन किया जा सकता है.
एयरपोर्ट का पहला फेज़ ₹11,200 करोड़ की अनुमानित लागत से डेवलप किया गया है. इसे रोड, रेल, मेट्रो और रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के ज़रिए कनेक्टिविटी वाला एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाया गया है.
एयरपोर्ट पर एक मल्टी-लेयर्ड सिक्योरिटी सिस्टम, AI-बेस्ड सर्विलांस और सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स के लगभग 1,030 जवान तैनात किए गए हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी एयरपोर्ट के लिए एक डेडिकेटेड पुलिस स्टेशन खोला है.
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