पटना। बिहार में मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे परीक्षार्थियों ने पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर भारी बवाल काटा। इस दौरान उग्र अभ्यर्थियों ने जमकर पत्थरबाजी की, जिससे स्टेशन परिसर स्थित कई दुकानों और कार्यालयों के शीशे चकनाचूर हो गए। रेलवे और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा इस उपद्रव को अंजाम देने के आरोप में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, साथ ही इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।
स्पेशल ट्रेनों की मांग को लेकर रेल ट्रैक किया जाम
घटनाक्रम की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि देर रात करीब 12 बजे पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर परीक्षा देने जा रहे छात्रों की भारी भीड़ जमा थी। उस वक्त स्टेशन पर सीमांचल एक्सप्रेस और मधुबनी समर स्पेशल ट्रेनें खड़ी थीं, लेकिन अभ्यर्थी अपनी परीक्षा छूटने के डर से प्रशासन से दो और अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग करने लगे। मांग के अनुसार प्रशासन ने करीब 2 बजे तक अतिरिक्त ट्रेन की व्यवस्था भी करा दी, लेकिन इसके बाद भी प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। उग्र हुई भीड़ ने रेलवे ट्रैक पर उतरकर सीमांचल एक्सप्रेस, मधुबनी समर स्पेशल, परीक्षा स्पेशल और एक मालगाड़ी को जबरन रोक दिया और पटरी पर बैठकर परीक्षा केंद्रों को गृह जिलों में आवंटित करने या पूरी परीक्षा को ही स्थगित करने की मांग पर अड़ गए।
मैराथन समझाइश रही बेअसर और अचानक भड़की हिंसा
रेलवे ट्रैक जाम होने की सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ, जिला प्रशासन और पटना के डीएम सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने करीब चार घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शनकारियों को समझाने और ट्रेनों से रवाना होने की मैराथन कोशिशें कीं, लेकिन उपद्रवी मानने को तैयार नहीं थे। इसी बीच भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने अचानक पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों पर भारी पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक हमले में कई पुलिसकर्मी और पदाधिकारी चोटिल हो गए। आम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके तहत आंसू गैस के 8 गोले दागे गए और हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी, तब जाकर भीड़ को खदेड़ा जा सका।
परीक्षा रद्द कराने की साजिश और पुलिसिया कार्रवाई
जांच में सामने आया है कि इस हंगामे के पीछे कुछ शरारती तत्वों की सोची-समझी मंशा थी। अधिकारियों के अनुसार, भीड़ में मौजूद कुछ लड़के जानबूझकर यह माहौल बना रहे थे कि यदि पहली पाली की परीक्षा छूटती है, तो दूसरी पाली की परीक्षा भी नहीं होने दी जानी चाहिए और हंगामा खड़ा कर पूरी परीक्षा को ही निरस्त करा दिया जाए। अधिकारियों के बार-बार यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि किसी की परीक्षा नहीं छूटेगी, उपद्रवियों ने हिंसा का रास्ता चुना। फिलहाल पुलिस ने मौके से 6 आरोपियों को दबोच लिया है और सीसीटीवी व वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य दंगाइयों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। सुबह करीब 6:20 बजे तक स्थिति पूरी तरह सामान्य कर सभी ट्रेनों को रवाना कर दिया गया।

