US attack on Indian ship : ओमान के तट के पास एक और व्यापारिक जहाज पर हुए हमले के बाद भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ता नजर आ रहा है. भारत सरकार ने बुधवार को अमेरिकी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन जेसन मीक्स को तलब कर इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया. इस हमले में तीन भारतीय नाविक लापता बताए जा रहे हैं, जबकि 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है.
US attack on Indian ship:3 दिन में दूसरा हमला,भारत की बढ़ी चिंता
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, ओमान के तट के पास व्यापारिक जहाज ‘सेट्टेबेलो’ (Settebello) पर हमला हुआ, जिसमें कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे. मंत्रालय ने इस घटना को “बेहद चिंताजनक” बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र में जारी संघर्ष का सीधा परिणाम है.
यह पिछले तीन दिनों में दूसरा ऐसा मामला है। इससे पहले एम/टी मैरिवेक्स (M/T Marivex) नामक तेल टैंकर भी हमले का शिकार हुआ था.
21 भारतीय सुरक्षित, 3 नाविक अब भी लापता
विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि जहाज पर सवार 24 भारतीयों में से 21 को अब तक सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन भारतीय नाविकों की तलाश जारी है.
मंत्रालय ने बताया कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है और सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर रखे हुए है.
भारत ने हमले की कड़ी निंदा की
भारत ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए. विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील भी की.
बयान में कहा गया कि समुद्री व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करने वाली ऐसी घटनाएं अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं.
अमेरिकी भूमिका को लेकर उठे सवाल
ग्रीक मीडिया आउटलेट ‘टो वीमा’ (Tovima) ने समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के हवाले से इस घटना में अमेरिकी भूमिका की संभावना जताई है. हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
इसी वजह से भारत ने अमेरिकी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को बुलाकर अपना विरोध दर्ज कराया और घटना पर स्पष्टीकरण मांगा.
एक दिन पहले भी हुआ था विवाद
सेट्टेबेलो पर हमले से एक दिन पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एम/टी मैरिवेक्स जहाज को “नॉन-कम्प्लायंट” बताते हुए उसे निष्क्रिय करने की कार्रवाई की थी.
CENTCOM के अनुसार, पालाउ के झंडे वाले इस जहाज को ईरान की ओर बढ़ते समय रोका गया था. अमेरिकी नौसेना के एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान ने जहाज के इंजन और स्टीयरिंग सेक्शन को निशाना बनाया और उसे आगे बढ़ने से रोक दिया था. उस समय जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय नाविकों को ओमानी अधिकारियों ने सुरक्षित बचाया था.
भारत ने मांगी क्षेत्र में शांति बहाली
विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में लगातार हो रही घटनाएं वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा बनती जा रही हैं।
भारत ने सभी पक्षों से तनाव कम करने, बातचीत को आगे बढ़ाने और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने की अपील की है।
समुद्री सुरक्षा पर भारत की नजर
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिकों और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कूटनीतिक कदम उठाए जा सकते हैं.

