Modi-Yogi UP Development : लखनऊ (10 जून) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के वाराणसी से तीसरी बार सांसद बनकर देश का गौरवशाली नेतृत्व कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने देश के इतिहास में सबसे लंबी अवधि तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा का एक नया और अटूट रिकॉर्ड कायम किया है। केंद्र और राज्य की इस डबल इंजन सरकार ने अपनी दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के बल पर उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकालकर देश का सबसे मजबूत ‘ग्रोथ इंजन’ बना दिया है। जनकल्याण और सुशासन का प्रतीक बन चुके उत्तर प्रदेश में जहां एक तरफ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए विकास का पहिया बुलेट रफ्तार से दौड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ आस्था के अभूतपूर्व सैलाब ने पर्यटन और संस्कृति की एक नई वैश्विक कहानी लिख दी है।
Modi-Yogi UP Development :आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से मिली नई पहचान
उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर लंबी छलांग लगाई है. आज राज्य की पहचान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर), 594 किलोमीटर लंबे भव्य गंगा एक्सप्रेसवे और देश की पहली ‘नमो भारत’ रैपिड रेल जैसी दूरगामी परियोजनाओं से हो रही है. इसके साथ ही चिकित्सा के क्षेत्र में गोरखपुर एम्स, कृषि क्रांति के लिए फर्टिलाइजर कारखाना, तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए सेमीकंडक्टर यूनिट, और सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना व केन-बेतवा नदी जोड़ो जैसी युगांतकारी योजनाओं के जरिए यूपी ने वैश्विक पटल पर अपनी एक विशिष्ट और अमिट पहचान स्थापित की है.
नोएडा,अयोध्या और कुशीनगर को मिली इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सौगात
उत्तर प्रदेश में विमानन क्षेत्र का कायाकल्प करते हुए 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमापूर्ण उपस्थिति में देश के सबसे बड़े हवाई अड्डे यानी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) की ऐतिहासिक सौगात जनता को समर्पित की थी. इसके साथ ही मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की नगरी में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और बौद्ध सर्किट को जोड़ने वाले कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी देश-प्रदेशवासियों को सौंपा गया है.
कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देते हुए प्रधानमंत्री ने 594 किमी. लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का काम भी तेज गति से आगे बढ़ाया है. यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के मुख्य समारोह में स्वयं प्रधानमंत्री ने शिरकत कर मुख्यमंत्री योगी के आह्वान पर दुनिया भर के बड़े निवेशकों को यह भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश की धरती आज निवेश, सुरक्षा और व्यापार के लिए देश में सबसे उपयुक्त और अनुकूल है.
आस्था और पर्यटन का वैश्विक संगम: राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम
विकास की इस बयार के बीच मोदी-योगी की जोड़ी ने देश की सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना को भी नया जीवन दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम की नगरी अयोध्या में सदियों पुराने 500 वर्ष के बहुप्रतीक्षित इंतजार को समाप्त करते हुए न केवल भव्य राम मंदिर का भूमिपूजन और शिलान्यास किया, बल्कि रामलला को उनके दिव्य मंदिर में पूरी भव्यता के साथ प्रतिस्थापित कर लोकार्पण भी किया. इसी तरह, साल 2021 में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का लोकार्पण कर उन्होंने बाबा विश्वनाथ की नगरी का कायाकल्प कर दिया.
आस्था के इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए ऐतिहासिक प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में खुद प्रधानमंत्री ने आस्था की डुबकी लगाई, जहां देश-विदेश से आए 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया. योगी सरकार के भव्य और अविस्मरणीय आयोजन ‘दीपोत्सव’ में भी प्रधानमंत्री ने न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से भाग लिया, बल्कि अयोध्या की जनभावनाओं से खुद को आत्मीयता से जोड़ा. सीएम योगी के कुशल नेतृत्व में यह दीपोत्सव हर वर्ष सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है.
बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में ₹36,211 करोड़ का ऐतिहासिक निवेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को पिछले 12 वर्षों में विकास का एक जीवंत मॉडल बना दिया है. उन्होंने काशी को करीब 36,211 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का अभूतपूर्व उपहार देते हुए उनका लोकार्पण किया, जबकि लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया. इन ऐतिहासिक कार्यों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का ट्रेड फैसिलिटी सेंटर, भव्य काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, अत्याधुनिक सिगरा खेल स्टेडियम, रिंग रोड, देश का पहला शहरी रोपवे नेटवर्क, दर्जनों फ्लाइओवर और गंगा नदी के विभिन्न ऐतिहासिक घाटों का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्विकास शामिल है. इन परियोजनाओं ने बनारस की पुरातन आत्मा को सुरक्षित रखते हुए उसे एक आधुनिक और स्मार्ट सिटी का स्वरूप दे दिया है.
गोरखपुर का कायाकल्प: एम्स और फर्टिलाइजर कारखाने को मिला पुनर्जीवन
उत्तर प्रदेश का पूर्वी हिस्सा जो कभी पिछली सरकारों की घोर अनदेखी, बदहाली और स्वास्थ्य संकट का शिकार रहता था, उसे मोदी-योगी की जोड़ी ने पूरी तरह से संवार दिया है. कभी पूर्वांचल की आर्थिक रीढ़ कहे जाने वाले गोरखपुर के फर्टिलाइजर कारखाने को, जो दशकों से बंद पड़ा था, इस जोड़ी ने रिकॉर्ड समय में पुनर्जीवित किया. यह विशाल कारखाना न केवल फिर से पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहा है, बल्कि इसने स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को रोजगार से जोड़कर उनके घरों में खुशहाली का नया उजाला फैलाया है.
इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक सुधार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर को एम्स (AIIMS) की बड़ी सौगात दी. इस विश्वस्तरीय अस्पताल के चालू होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल और बिहार के करोड़ों नागरिकों की बरसों पुरानी चिंता हमेशा के लिए दूर हो गई है. अब उन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं पड़ती, बल्कि गोरखपुर में ही उन्हें सर्वोत्तम इलाज मिल रहा है.
रैपिड रेल और मेट्रो से पश्चिमी यूपी में परिवहन क्रांति
पश्चिमी उत्तर प्रदेश को दिल्ली-एनसीआर से सीधे और सुगम तरीके से जोड़ने के लिए परिवहन के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व क्रांति देखी गई है. इसी कड़ी में 22 फरवरी 2026 को मेरठ में देश की अत्याधुनिक ‘नमो भारत’ रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो मार्ग का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में भव्य शुभारंभ किया गया. इस हाई-स्पीड रैपिड रेल और मेट्रो सेवा के शुरू होने से न केवल मेरठ और दिल्ली के बीच की दूरी मिनटों में सिमट गई है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, व्यापार और दैनिक यात्रियों को आवागमन में एक बेहद सुरक्षित, समय बचाने वाला और विश्वस्तरीय अनुभव प्राप्त हो रहा है. स्पष्ट है कि डबल इंजन की सरकार ने उत्तर प्रदेश के कोने-कोने को चहुंमुखी विकास के धागे में पिरो दिया है.

