‘भ्रष्ट सिस्टम का नतीजा’, दोबारा परीक्षा से पहले NEET कैंडिडेट की आत्महत्या पर फूटा विपक्ष का गुस्सा

महाराष्ट्र के नागपुर में एक NEET कैंडिडेट के सुसाइड ने पेपर लीक और एग्जाम कैंसिल होने को लेकर चल रहे गुस्से को और बढ़ा दिया है. राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं ने स्टूडेंट के सुसाइड पर सरकार पर निशाना साधा और इसके लिए “करप्ट सिस्टम” को दोषी ठहराया. तृणमूल कांग्रेस ने भी इस घटना पर केंद्र की आलोचना की.

दोबारा NEET परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने का था दबाव

प्रधानमंत्री पर अपने नए हमले में, राहुल गांधी ने नागपुर की एक NEET कैंडिडेट के मामले का ज़िक्र किया, जिसकी 14 दिन पहले सुसाइड से मौत हो गई थी. स्टूडेंट के परिवार को एक नोट मिला जो उसने मध्य प्रदेश में अपने होमटाउन लौटने के बाद छोड़ा था. नोट में लड़की ने लिखा था: “मुझे NEET एग्जाम में अच्छे मार्क्स लाने की बहुत उम्मीद थी, लेकिन अब इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अगर मुझे दोबारा पेपर देना पड़ा तो मैं उतना ही अच्छा परफॉर्म कर पाऊंगी. मुझे सॉरी मम्मी-पापा. मैंने सब कुछ बर्बाद कर दिया है.”

मध्य प्रदेश के मऊगंज ज़िले की लड़की नागपुर में रह रही थी, जहाँ उसके पिता कुक का काम करते हैं. परिवार उसके अंतिम संस्कार के लिए मऊगंज ज़िले में अपने गाँव लौटा और बाद में उसे उसकी एक किताब में यह नोट मिला.

12 साल में एजुकेशन सिस्टम को बर्बाद किया है -राहुल गांधी

X पर बात करते हुए, राहुल ने कैंडिडेट की मौत के लिए केंद्र को दोषी ठहराया और कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तहत चल रहे भ्रष्ट और टूटे हुए सिस्टम का नतीजा है. उन्होंने आगे कहा कि बार-बार एग्जाम लीक होने और उससे पैदा हुई अफरा-तफरी के बावजूद, शिक्षा मंत्री अपने पद पर बने हुए हैं.
राहुल ने लिखा, “…और धर्मेंद्र प्रधान जी? वह आज भी अपनी कुर्सी पर हैं. वही कमेटी. वही ट्रांसफर. वही जांच. कोई सुधार नहीं, कोई न्याय नहीं. मोदी जी, पावर परमानेंट नहीं है—यह आती-जाती रहती है. लेकिन जिस हद तक आपने 12 साल में एजुकेशन सिस्टम को बर्बाद किया है, उसकी कीमत युवा भारतीयों की एक पूरी पीढ़ी चुका रही है.”

केजरीवाल ने ‘शिक्षा माफिया’ खत्म करने की मांग की

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लिए बिना, AAP के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा कि बार-बार एग्जाम कैंसिल होने और पेपर लीक विवादों के बीच अपनी जान गंवाने वाले छात्रों को न्याय मिलना चाहिए, जो देश में चल रहे “शिक्षा माफिया” को खत्म करके ही पक्का किया जा सकता है.
केजरीवाल ने X पर एक पोस्ट में कहा, “दोबारा परीक्षा कराना न्याय नहीं है. सिस्टम पर कब्जा करने वाले शिक्षा माफिया को खत्म करना होगा. पहले ही बहुत से बच्चे आत्महत्या कर चुके हैं. इन बच्चों को उनकी मौत का न्याय कब मिलेगा?”

‘केंद्र ने मेरिट को जुए में और उम्मीद को निराशा में बदल दिया है.’-TMC

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी नागपुर के NEET कैंडिडेट की मौत पर दुख जताया और परीक्षा में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों से होने वाली परेशानी के लिए केंद्र को ज़िम्मेदार ठहराया.
TMC चीफ ममता बनर्जी ने भी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि ‘केंद्र ने मेरिट को जुए में और उम्मीद को निराशा में बदल दिया है.’

उन्होंने BJP पर हमला करते हुए कहा कि यह बेरहम सरकार बार-बार और बेशर्मी से अपने युवाओं को धोखा दे रही है. “यह कोई अकेली दुखद घटना नहीं है. यह BJP के राज में भारत के एजुकेशन सिस्टम में फैली उस बहुत ज़्यादा अनिश्चितता की याद दिलाता है.”

ये भी पढ़ें-दिल्ली-NCR में तेज़ तूफ़ान और बारिश, आसमान हुआ ग्रे; IMD ने ‘रेड’ अलर्ट जारी किया

Latest news

Related news