बांस से बुना सपना, फोर्ब्स तक पहुंचा नाम! गोरखपुर के स्वप्निल बने एशिया के टॉप 30 युवा प्रभावशाली उद्यमियों में शामिल

Forbes Swapnil Srivastava : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कैम्पियरगंज के युवा उद्यमी स्वप्निल श्रीवास्तव (Swapnil Srivastava)ने अपनी नवाचार आधारित सोच और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवसाय मॉडल के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. बच्चों के लिए बांस के रेशों से बने इको-फ्रेंडली रेडीमेड गारमेंट्स का स्टार्टअप शुरू करने वाले स्वप्निल को प्रतिष्ठित फोर्ब्स (Forbes) 30 Under 30 Asia की सूची में स्थान मिला है.

यह सम्मान एशिया के उन प्रभावशाली युवाओं को दिया जाता है जिन्होंने 30 वर्ष की आयु से पहले अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो.

Forbes Swapnil Srivastava :स्वप्निल ने बीटेक के बाद शुरू किया था स्टार्टअप

स्वप्निल श्रीवास्तव ने वर्ष 2021 में बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने दो दोस्तों ने हुसैन और अमन के साथ मिलकर स्टार्टअप की शुरुआत की. उनका उद्देश्य बच्चों के लिए ऐसे कपड़े तैयार करना था जो न केवल आरामदायक हों बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित हों.

इसी सोच के तहत उन्होंने बांस के रेशों से बने धागे का उपयोग कर बच्चों के कपड़ों का निर्माण शुरू किया. बांस के फाइबर से बने कपड़े बेहद मुलायम, त्वचा के अनुकूल और टिकाऊ होते हैं, जिससे उनकी मांग तेजी से बढ़ने लगी.

भारत से लेकर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया तक पहुंचा कारोबार

स्टार्टअप की शुरुआत के कुछ ही वर्षों में कंपनी ने देश-विदेश में अपनी मजबूत पहचान बना ली. स्वप्निल के अनुसार, उनके उत्पादों की मांग भारत के अलावा अमेरिका, सऊदी अरब और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी है.

कंपनी के शोरूम कई बड़े अस्पताल परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जहां नवजात और छोटे बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए इको-फ्रेंडली कपड़े उपलब्ध हैं.

देश-विदेश के निवेशकों का बढ़ा भरोसा

स्वप्निल की कंपनी पर देश और विदेश के प्रतिष्ठित निवेशकों ने भी भरोसा जताया है. कंपनी में कई बड़े उद्यमी निवेश कर चुके हैं, जबकि कई अन्य निवेश के लिए रुचि दिखा रहे हैं.

हाल ही में माइक्रोटेक कंपनी के प्रबंध निदेशक (MD) की ओर से निवेश किया गया. इसके अलावा जापान के एक प्रतिष्ठित उद्यमी ने कंपनी में लगभग 30 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इससे कंपनी के विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद है.

गोरखपुर के युवाओं की बढ़ रही वैश्विक पहचान

स्वप्निल श्रीवास्तव से पहले भी गोरखपुर के दो युवा फोर्ब्स की प्रतिष्ठित सूची में जगह बना चुके हैं।

श्रृति पांडेय ने पराली से बनाया कारोबार

वर्ष 2021 में गोरखपुर की श्रृति पांडेय को फोर्ब्स 30 अंडर 30 सूची में शामिल किया गया था। उनकी कंपनी धान के पुआल और गेहूं के डंठल से बोर्ड और पैनल तैयार करती है। ये पैनल मजबूत होने के साथ-साथ ध्वनि और नमी प्रतिरोधी भी होते हैं।

सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने रोजगार के क्षेत्र में बनाई पहचान

वर्ष 2022 में सिद्धार्थ श्रीवास्तव भी इस प्रतिष्ठित सूची का हिस्सा बने थे. एचबीटीआई कानपुर से बीटेक करने वाले सिद्धार्थ ने अपने दोस्तों रविश अग्रवाल और स्वतंत्र कुमार के साथ एक रोजगार आधारित ऐप विकसित किया था. इस प्लेटफॉर्म के जरिए 25 हजार से अधिक युवाओं को देश और विदेश की विभिन्न कंपनियों में नौकरी मिल चुकी है.

युवाओं के लिए प्रेरणा बने स्वप्निल

स्वप्निल श्रीवास्तव की सफलता इस बात का उदाहरण है कि नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और उद्यमिता का संयोजन वैश्विक स्तर पर पहचान दिला सकता है। छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचने की उनकी कहानी देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है.

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