Mamata Banerjee Protest:कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है. पार्टी के भीतर मचे घमासान और नेताओं पर हुए हमलों के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार (1 जून 2026) को कोलकाता की सड़कों पर उतरीं. कोलकाता पुलिस द्वारा अनुमति न दिए जाने के बावजूद ममता बनर्जी एस्प्लेनेड के Y-चैनल स्थित धरना स्थल पर बैठ गईं.
Kolkata – Trinamool Congress supremo and former West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee led a sit-in protest in Kolkata against alleged post-poll violence and attacks on TMC leaders and workers, The protest was organised at Rani Rashmoni Avenue despite police denying… pic.twitter.com/7GS89LEAK4
— NextMinute News (@nextminutenews7) June 2, 2026
अभिषेक बनर्जी की पिटाई और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ममता बनर्जी ने हुंकार भरी और कहा, “हम लड़ेंगे या मरेंगे.” इस दौरान उनके साथ डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी और कई विधायक भी मौजूद रहे.
Mamata Banerjee Protest:पुलिस पर TMC नेताओं को धमकाने का आरोप
धरने पर बैठीं ममता बनर्जी ने राज्य की पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, “बंगाल में पुलिस अब टीएमसी नेताओं को धमका रही है. अपने कार्यकाल के दौरान मैं हमेशा सभी लोगों के साथ खड़ी रहती थी, चाहे उनकी विचारधारा मेरी पार्टी से मिलती हो या नहीं.” ममता बनर्जी ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे चाहें तो उन्हें गिरफ्तार कर सकते हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन्हें कोलकाता में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन नहीं करने दिया गया, तो वह दिल्ली कूच करेंगी.
“बीजेपी अध्यक्ष फोन करके मांगते थे मदद, आज हुए गायब”
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी भावुक और आक्रामक दोनों नजर आईं. उन्होंने कहा:
“बीजेपी अध्यक्ष कई बार मुझे फोन करके मदद मांगते थे, लेकिन मैंने यह बात कभी मीडिया को नहीं बताई. बीजेपी को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों से मेरे अच्छे संबंध हैं, लेकिन जब भी बीजेपी ने मदद मांगी, मैंने उनकी मदद की.उनके बुरे समय में मैंने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन भी किया था, लेकिन आज जब डायमंड हार्बर के सांसद (अभिषेक बनर्जी) पर जानलेवा हमला हुआ, तो किसी ने समर्थन नहीं दिया.”
पार्टी तोड़ने की साजिश और EVM हैकिंग का दावा
ममता बनर्जी ने पुलिस और विरोधी दलों पर टीएमसी को तोड़ने की साजिश रचने का आरोप लगाया. उन्होंने चुनाव नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा, “पुलिस एक राजनीतिक दल को तोड़ने की कोशिश कर रही है. बंगाल में एसआईआर (SIR) के जरिए हमें हराया गया. 177 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव में धांधली हुई और EVM को हैक किया गया. मैं स्वयं इसकी पीड़ित हूं. जब मैं 13,000 वोटों से जीत रही थी, तब मुझे मतगणना केंद्र से जबरन बाहर निकाल दिया गया.” उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही उनकी INDIA गठबंधन के नेताओं के साथ बैठक भी होने वाली है.
चुनाव में हार के बाद पहली बार सड़क पर उतरीं ममता
पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने और टीएमसी की करारी हार के बाद ममता बनर्जी का यह पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम है. हालांकि, इस प्रदर्शन के बीच टीएमसी के अंदरूनी कलह की खबरें भी खुलकर सामने आ रही हैं. सोमवार को ही पार्टी के दो विधायकों को निष्कासित किया गया है, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि इस संकट की घड़ी में ममता बनर्जी के साथ पार्टी के कितने विधायक और नेता टिके रह पाते हैं. फिलहाल धरना स्थल पर भारी भीड़ जमा है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी भी शामिल हैं.

