छह साल की भतीजी को मारने वाले चाचा को पुलिस ने पकड़ लिया

दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले की एक अदालत ने चार वर्ष पूर्व होली के त्योहार के दिन रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक जघन्य वारदात पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने छह वर्षीय मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या करने के जुर्म में दोषी चाचा भोला पासवान को उम्रकैद यानी आजीवन सश्रम कारावास की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने अपराधी पर पच्चीस हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने की स्थिति में उसे छह महीने की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी।


साक्ष्यों और गवाहों के गहन परीक्षण के बाद अदालत का बड़ा फैसला

इस संवेदनशील मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने न्याय की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और सुदृढ़ बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों की दलीलों को बेहद विस्तार से सुना। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) चंपा मुखर्जी और बचाव पक्ष के वकील के बीच चली लंबी कानूनी बहस तथा पत्रावली पर मौजूद तमाम वैज्ञानिक व चश्मदीद साक्ष्यों का गहराई से अध्ययन करने के बाद अदालत इस नतीजे पर पहुंची। न्यायालय ने संबंधित थाना कांड संख्या का विचारण पूरी तरह मुकम्मल करने के बाद आरोपी को भारतीय दंड विधान की धारा 302 यानी हत्या के अपराध के तहत मुख्य रूप से दोषी करार दिया था, जिसके बाद यह सजा मुकर्रर की गई।

होली के पावन पर्व पर आपसी रंजिश में बरपाया था खूनी कहर

सरकारी वकील अमरेंद्र नारायण झा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक यह दर्दनाक वाकया वर्ष 2022 में होली के त्योहार वाले दिन पतोर क्षेत्र के कोकट गांव में घटित हुआ था। दोषी भोला पासवान पुरानी रंजिश और आपसी विवाद के चलते हाथ में लकड़ी का एक भारी टुकड़ा लेकर अपने सगे भाई के घर के बाहर पहुंचा और वहां गाली-गलौज करते हुए उपद्रव मचाने लगा। जब उसकी अपनी सगी मां ने उसे इस अभद्र व्यवहार के लिए डांटा और रोकने का प्रयास किया, तो उसने गुस्से में आकर अपनी मां के सिर पर ही लकड़ी से जानलेवा हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया।

अबीर लेकर आई मासूम भतीजी पर प्रहार और गवाही से साबित हुआ जुर्म

इसी गहमागहमी और शोर-शराबे के बीच भाई की छह साल की नन्हीं बेटी अन्नू कुमारी हाथ में त्योहार का अबीर लेकर वहां पहुंची ही थी कि क्रूर चाचा ने बिना कुछ सोचे-समझे उसी भारी लकड़ी से उस मासूम के सिर पर बेहद जोरदार प्रहार कर दिया, जिससे गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही उसकी जान चली गई। इस भयावह घटना के बाद पीड़ित पिता ने संबंधित थाने में हत्या सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया था। अदालत में मुकदमे की कार्यवाही के दौरान अभियोजन पक्ष ने केस को मजबूत करने के लिए जांच अधिकारी और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर समेत कुल पांच महत्वपूर्ण गवाहों को अदालत के समक्ष पेश किया, जिनकी गवाही के आधार पर आरोपी का अपराध पूरी तरह सिद्ध हो सका।

Latest news

Related news