Suvendu Adhikari कोलकाता:पश्चिम बंगाल में नये मुख्यमंत्री के नाम का फैसला हो गया है. लंबे इंतजार और कयासों के बाद यह साफ हो गया है कि ममता बनर्जी को नंदीग्राम और भवानीपुर जैसे मोर्चों पर कड़ी टक्कर देने वाले शुभेंदु अधिकारी ही बंगाल के अगले मुख्यमंत्री होंगे.
#WATCH | Kolkata | Suvendu Adhikari elected as the Leader of West Bengal BJP Legislative Party, set to be the new CM of the state. pic.twitter.com/DCm6zezL4U
— ANI (@ANI) May 8, 2026
Suvendu Adhikari के नाम पर विधायक दल की बैठक में लगा मुहर
कोलकाता में आज बीजेपी विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी विशेष रूप से मौजूद रहे. बैठक के दौरान सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी को अपना नेता चुना. अमित शाह ने खुद शुभेंदु के नाम की घोषणा कर राज्य की कमान उनके हाथों में सौंपने का औपचारिक ऐलान किया.
रवींद्र जयंती पर होगा शपथ ग्रहण समारोह
शुभेंदु अधिकारी कल, यानी 9 मई को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. यह दिन बंगाल के लिए सांस्कृतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि कल रवींद्र जयंती का पावन पर्व है. बीजेपी ने इस ऐतिहासिक मौके को अपनी पहली सरकार के राजतिलक के लिए चुना है.
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य आयोजन
शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा. इस मेगा इवेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे. सूत्रों की मानें तो शुभेंदु के साथ दो डिप्टी सीएम भी शपथ ले सकते हैं, जिसका मकसद राज्य के क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधना है.
राज्यपाल ने भंग की विधानसभा
इससे पहले, बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने 7 मई को वर्तमान विधानसभा को भंग कर दिया था. कोलकाता गजट में जारी अधिसूचना के अनुसार, चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की शानदार जीत के बाद नई सरकार के गठन का रास्ता साफ करने के लिए यह कदम उठाया गया.
ममता को मात देने का मिला इनाम
शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाया जाना उनके उस संघर्ष का परिणाम माना जा रहा है, जो उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक लड़ा. भवानीपुर में ममता बनर्जी को चुनावी शिकस्त देने के बाद से ही अधिकारी के नाम की चर्चा अगले मुख्यमंत्री के तौर पर शुरु हो गई. अब उनके कंधों पर ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प को पूरा करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी.

