Assam New CM गुवाहाटी: असम में नई सरकार के गठन की हलचल तेज हो गई है. कार्यवाहक मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को अपने पद से औपचारिक इस्तीफा दे दिया है. राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए उन्हें नई सरकार बनने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने को कहा है. इसके साथ ही राज्य में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है.
#WATCH | Guwahati | After resigning from the post of Assam CM, Himanta Biswa Sarma says, “Shri JP Nadda and Nayab Singh Saini have been appointed as Central observers by BJP National President Nitin Nabin. Who will be the next CM and the leader will be decided by the legislative… pic.twitter.com/otphFyF04w
— ANI (@ANI) May 6, 2026
Assam New CM : विधायक दल करेगा मुख्यमंत्री का फैसला
पत्रकारों से बात करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जेपी नड्डा और नायब सिंह सैनी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. ये पर्यवेक्षक विधायक दल की बैठक की निगरानी करेंगे. सरमा ने स्पष्ट किया कि असम का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका अंतिम फैसला विधायक दल की बैठक में ही लिया जाएगा. बैठक के बाद भाजपा राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेगी.
11 मई के बाद हो सकता है शपथ ग्रहण
नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सरमा ने संकेत दिया कि यह कार्यक्रम 11 मई के बाद होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि इस बार समारोह को भव्य बनाने की तैयारी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है. पीएम की उपलब्धता के आधार पर ही अंतिम तारीख तय की जाएगी.
नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें: क्या सोनोवाल की होगी वापसी?
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि इस बार भाजपा नेतृत्व में बदलाव कर सकती है. सूत्रों के अनुसार, पार्टी हिमंत बिस्वा सरमा की जगह सर्बानंद सोनोवाल को फिर से कमान सौंप सकती है. कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा की सामाजिक समीकरण और आदिवासी जनजाति नेतृत्व को प्राथमिकता देने की नीति के तहत सोनोवाल को आगे किया जा सकता है. हालांकि, सरमा ने इन खबरों पर फिलहाल कोई सीधी टिप्पणी नहीं की है.
जनता का आभार और विकास पर भरोसा
इस्तीफा देने के बाद सरमा ने असम की जनता का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि यह भारी जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों पर जनता की अटूट आस्था का प्रतीक है. गौरतलब है कि मंगलवार को चुनाव आयोग द्वारा आधिकारिक नतीजे घोषित किए जाने के बाद वर्तमान विधानसभा को भंग करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.

