रायपुर:छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मोवा क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ पारिवारिक कलह के चलते एक बाउंसर ने अपनी ही दो सालियों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। ऊषा प्राइड कमर्शियल रेजिडेंशियल बिल्डिंग के पास मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे हुई इस फायरिंग से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी जितेंद्र वर्मा का अपनी पत्नी के साथ काफी समय से विवाद चल रहा था और हाल ही में बच्चे से मिलने की बात को लेकर तनाव और गहरा गया था, जिसके बाद उसने खौफनाक कदम उठाया।
खूनी संघर्ष में तब्दील हुआ घरेलू विवाद
आरोपी जितेंद्र वर्मा अपनी पत्नी और दोनों सालियों के साथ रहता था, परंतु आपसी अनबन के कारण उसकी पत्नी ने अलग रहना शुरू कर दिया था। घटना की रात एक बार फिर विवाद शुरू हुआ और तैश में आकर आरोपी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल ली। उसने अपनी दोनों सालियों, दुर्गेश्वरी और गीतांजलि पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे दोनों लहूलुहान होकर गिर पड़ीं। मौके पर मौजूद परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उपचार के दौरान गीतांजलि ने दम तोड़ दिया, जबकि दुर्गेश्वरी की हालत अभी भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी
गोलीबारी की सूचना मिलते ही पंडरी थाना पुलिस और पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने तत्काल घेराबंदी करते हुए मोर्चा संभाला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी जितेंद्र वर्मा को घटनास्थल के पास से ही दबोच लिया और अपराध में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्तौल को भी अपने कब्जे में ले लिया है। मौके पर पहुंची जांच टीम ने साक्ष्य जुटाने के साथ ही आसपास के चश्मदीदों से भी पूछताछ की है ताकि वारदात की हर कड़ी को जोड़ा जा सके।
जांच के घेरे में लाइसेंसी हथियार और सुरक्षा
डीसीपी मयंक गुर्जर ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी घटना घरेलू झगड़े और निजी रंजिश का परिणाम है। पुलिस अब इस बात की भी गहनता से पड़ताल कर रही है कि पेशे से बाउंसर जितेंद्र को जारी किए गए हथियार के लाइसेंस की शर्तें क्या थीं और क्या पहले भी उसके हिंसक व्यवहार की कोई शिकायत रही थी। फिलहाल पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

