बंगाल में ‘चुनावी संग्राम’ के बाद खू’नी खेल: 3 की मौत,TMC दफ्तर पर चला बुलडोजर,लेनिन की प्रतिमा जमींदोज

Bengal Post-Poll Violence:कोलकाता– सूबे में चुनावी नतीजे आने और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जबरदस्त जीत के बाद शांति की जगह हिंसा ने ले ली है. कोलकाता से लेकर मुर्शिदाबाद और आसनसोल तक आगजनी, तोड़फोड़ और हत्याओं की खबरों से बंगाल एक बार फिर सुलग उठा है. नई सरकार के गठन की प्रक्रिया के बीच राज्य की आब-ओ-हवा पूरी तरह बदल चुकी है.

 Bengal Post-Poll Violence में 3 लोगों की मौत 

बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा में अब तक कुल तीन लोगों की जान जा चुकी है. पहली घटना कोलकाता के बेलेघाटा की है, जहां टीएमसी कार्यकर्ता विश्वजीत पटनायक की हत्या कर दी गई. वहीं, बीरभूम के नानूर में टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की धारदार हथियार से काटकर हत्या का मामला सामने आया है. तीसरी घटना न्यू टाउन की है, जहां बीजेपी कार्यकर्ता मधु मंडल की मौत हो गई. इन तीनों ही मामलों में बीजेपी और टीएमसी एक-दूसरे पर खूनी खेल खेलने का आरोप लगा रही हैं.

मुर्शिदाबाद में लेनिन की प्रतिमा पर प्रहार

मुर्शिदाबाद के जियागंज में दशकों पुरानी लेनिन की प्रतिमा को उपद्रवियों ने तोड़ दिया. टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इस घटना को अंजाम दिया है. हालांकि, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जश्न के दौरान किसी अज्ञात शख्स ने यह हरकत की होगी, इसमें पार्टी का कोई हाथ नहीं है.

Mahua Moitra
Mahua Moitra

आसनसोल में टीएमसी दफ्तर फूंका, नदिया में कांग्रेस का ‘कब्जा’

आसनसोल उत्तर में वार्ड नंबर 53 की पार्षद मौसमी बोस के कार्यालय को देर रात आग के हवाले कर दिया गया. आग इतनी भीषण थी कि पास की दुकान भी इसकी चपेट में आ गई. दूसरी ओर, नदिया जिले के नतिडांगा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टीएमसी के एक कार्यालय पर यह दावा करते हुए कब्जा कर लिया कि यह दफ्तर मूल रूप से कांग्रेस का ही था.

कोलकाता में टीएमसी दफ्तर पर चला बुलडोजर

हिंसा का एक हैरान करने वाला रूप मध्य कोलकाता के ऐतिहासिक हॉग मार्केट इलाके में देखने को मिला. यहाँ बुलडोजरों के साथ आए एक समूह ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दफ्तर को निशाना बनाया. इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय दुकानदारों में दहशत फैल गई और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया.

विधायक और पुलिस का रुख

आसनसोल से बीजेपी विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी और किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वहीं, पुलिस कुछ मौतों के पीछे आपसी गुटबाजी और स्वास्थ्य कारणों (हार्ट अटैक) का भी हवाला दे रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है.

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