SC on Allahabad HC : इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा एक गंभीर मामले में आरोपी को जमानत दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है. शादी के सात साल के भीतर पत्नी की संदिग्ध मौत और शरीर पर चोट के निशानों के बावजूद जमानत मिलने पर शीर्ष अदालत ने पूछा कि आखिर इस हाई कोर्ट के साथ दिक्कत क्या है?
SC on Allahabad HC:‘हाई कोर्ट के साथ क्या दिक्कत है?’
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई की. सुनवाई के दौरान जस्टिस पारदीवाला ने बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, “इस हाई कोर्ट के साथ दिक्कत क्या है, मेरी समझ से बाहर है. ऐसे मामलों में जहां जमानत बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए, वहां बेल दी जा रही है.”
दहेज हत्या का गंभीर आरोप और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
यह मामला एक महिला की मौत से जुड़ा है जिसकी शादी को अभी सात साल भी नहीं हुए थे. मृतका के पिता ने आरोपी पति को मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
कोर्ट ने जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देखी, तो स्थिति और गंभीर हो गई। रिपोर्ट में महिला की गर्दन के पास चोट के निशान थे. जस्टिस पारदीवाला ने राज्य सरकार के वकील को टोकते हुए कहा, “वकील साहब, आप क्या कह रहे हैं? यह हत्या का मामला है (धारा 304B)। उसकी गला घोंटकर हत्या की गई है. क्या आप चाहते हैं कि हम सबूत दिखाएं?”
बचाव पक्ष के वकील को फटकार: ‘मुद्दे की बात करें’
सुनवाई के दौरान जब बचाव पक्ष के वकील ने दलीलें देनी शुरू कीं, तो बेंच ने उन्हें बीच में ही रोक दिया. कोर्ट ने कहा, “वकील साहब, मुद्दे की बात करो, कमजोर दलीलें मत दो वरना हम यहीं जमानत रद्द कर देंगे.”
कोर्ट ने सवाल किया कि जब पत्नी घर के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई और शरीर पर चोट के निशान थे, तो ऐसे में आरोपी पति को राहत कैसे मिल सकती है?
एक हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को पलटते हुए आरोपी की जमानत तुरंत रद्द कर दी है. कोर्ट ने आरोपी पति को एक हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है. साथ ही, ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि इस मामले की सुनवाई में तेजी लाते हुए एक साल के भीतर ट्रायल पूरा किया जाए.
यूपी सरकार के वकील ने इस मामले में जवाबी हलफनामा दायर करने की बात कही है, लेकिन कोर्ट के कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि जघन्य अपराधों में प्रक्रियात्मक ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

