मानवीय पहल: गंभीर कैंसर से जूझ रही पत्नी को बाइक पर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा पति, कलेक्टर ने तत्काल अस्पताल में कराया भर्ती
रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक ग्रामीण अपनी पत्नी को बाइक पर लादकर इलाज की गुहार लगाने पहुंचा। ग्राम काटाबहरा (नगवाही) निवासी समलू मरकाम की पत्नी कपूरा मरकाम थायराइड कैंसर के चौथे स्टेज (फोर्थ स्टेज) से जूझ रही हैं। शारीरिक रूप से चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ कपूरा की हालत देखकर कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया और बिना देरी किए स्वास्थ्य सुविधाओं का इंतजाम कराया।
कलेक्टर की सक्रियता: मौके पर ही बुलाई एम्बुलेंस
पीड़िता की गंभीर स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही तत्काल एम्बुलेंस बुलवाई। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को निर्देश दिए कि महिला को पहले जिला अस्पताल में भर्ती किया जाए और फिर बेहतर उपचार के लिए रायपुर के विशेषज्ञ अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है।
उपचार का लंबा सफर: मुंबई से लेकर रायपुर तक का संघर्ष
स्वास्थ्य विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, कपूरा मरकाम का परिवार पिछले लंबे समय से इस जानलेवा बीमारी से लड़ रहा है। पीड़िता के इलाज का अब तक का घटनाक्रम कुछ इस प्रकार रहा है:
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शुरुआती लक्षण: गले में गांठ और दर्द की शिकायत के बाद उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेगांखार और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला ले जाया गया था।
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साल 2024: इस दौरान पीड़िता का इलाज रायपुर के एम्स (AIIMS), मेकाहारा और डीकेएस (DKS) अस्पताल सहित कुछ निजी अस्पतालों में चला।
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जनवरी 2025: परिवार उन्हें इलाज के लिए टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई भी लेकर गया, जहाँ एक महीने तक उनका उपचार हुआ।
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हालिया उपचार: नवंबर 2025 में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें मेकाहारा और एम्स रायपुर में भर्ती कराया था, जहाँ 14 से 19 नवंबर तक उनकी कीमोथेरेपी की गई।
स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार इस परिवार के संपर्क में है। 12 नवंबर को भी सूचना मिलते ही टीम उनके घर पहुँची थी और एम्बुलेंस के माध्यम से रायपुर भेजा था। इलाज के बाद मरीज घर पर रहकर स्वास्थ्य लाभ ले रही थीं, लेकिन अचानक स्थिति फिर से बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल लाया गया है।
बेहतर इलाज का भरोसा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कपूरा मरकाम को कैंसर रिसर्च यूनिट में भर्ती कर विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में रखा जाएगा। कैंसर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनकी वर्तमान स्थिति का आंकलन कर आगे की कीमोथेरेपी या अन्य आवश्यक उपचार की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि परिवार को इलाज के दौरान किसी भी तरह की आर्थिक या तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े।

