जब एक मां के गुस्से के सामने बेबस दिखे मंत्री और पुलिस…मुंबई की महिला का वीडियो वायरल 

Mumbai Viral Lady : संसद में महिला आरक्षण अधिनियम संशोधन बिल के गिरने के बाद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने देश भर में विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जन आंदोलन करने का फैसला किया है. भाजपा देश में जगह-जगह पर जन आक्रोश रैली निकाल रही है. इसी सिलसिले में मंगलवार को मुंबई में जनआक्रोश रैली के दौरान एक महिला का गुस्सा देखने के लिए मिला जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

Mumbai Viral Lady : क्या है पूरा मामला?

बात मंगलवार की है जब दोपहर के समय मुंबई का वर्ली इलाका नारों और झंडों से पटा था. यहां  भाजपा और महायुति की ‘महिला संकल्प रैली’ (जन आक्रोश रैली) निकाला जा रहा था. नेता बीच सड़क पर ट्रैफिक रोक कर भाषण दे रहे थे, तभी एक महिला का गुस्सा फूट पड़ा.मुंबई की इस आम महिला का ‘आक्रोश’ ऐसा भड़का कि उसने पूरी रैली की चमक फीकी कर दी.

रैली जांभोरी मैदान से शुरू होकर NSCI डोम की तरफ बढ़ रही थी. इस वजह से वर्ली रोड और आसपास की सारी सड़केंपूरी तरह चोक हो गईं. घंटों से रेंगते ट्रैफिक के बीच अपनी गाड़ी में फंसी एक महिला का धैर्य तब जवाब दे गया, जब उसे स्कूल से अपने बच्चे को लाने में देरी होने लगी.

एक घंटे से ज्यादा समय तक जाम में फंसने के बाद महिला गाड़ी से उतरी और सीधे उस जगह पहुंच गई जहां महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन मीडिया को इंटरव्यू दे रहे थे.

“इंचार्ज कौन है?” – महिला के तीखे सवाल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में महिला बेहद गुस्से में नजर आ रही है। उसने पुलिस और मंत्री के सामने चिल्लाते हुए कहा:

“बाहर निकलो, यहां से हटिए! आप लोग ट्रैफिक जाम कर रहे हैं। यहां का इंचार्ज कौन है? कब जाओगे यहां से?”

महिला ने दो टूक शब्दों में सुझाव दिया कि अगर राजनीतिक दलों को अपनी ताकत दिखानी है तो वह सड़कें जाम करने के बजाय खुले मैदानों में रैलियां करें. वीडियो में दिख रहा है कि मंत्री महाजन और पुलिसकर्मी महिला को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन महिला का तर्क इतना ठोस था कि वहां मौजूद भीड़ भी सन्न रह गई.

सोशल मीडिया पर क्यों लगा समर्थन का तांता?

बुधवार सुबह तक यह वीडियो X (ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर आग की तरह फैल गया. वायरल होने की मुख्य वजह यह है कि:

  1. आम जनता का दर्द: मुंबईकर रोजाना ट्रैफिक से जूझते हैं, ऐसे में महिला की आवाज हर उस दफ्तर जाने वाले और अभिभावक की आवाज बन गई जो वीआईपी मूवमेंट से परेशान होते हैं.

  2. VIP कल्चर पर प्रहार: लोग इसे सत्ता के घमंड और सड़कों पर कब्जे की राजनीति के खिलाफ एक साहसी कदम बता रहे हैं.

  3. विपक्ष का हमला: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस वीडियो को शेयर करते हुए भाजपा पर निशाना साधा है कि ‘महिला सम्मान’ की रैली में ही एक महिला सबसे ज्यादा परेशान हुई.

एक बड़ा संदेश

यह घटना केवल एक ट्रैफिक जाम की कहानी नहीं है, बल्कि राजनीतिक दलों के लिए एक चेतावनी भी है. शक्ति प्रदर्शन के नाम पर आम नागरिक की जिंदगी और समय को बंधक बनाना अब बर्दाश्त से बाहर होता जा रहा है.  महिला की पहचान अभी उजागर नहीं हुई है, लेकिन उसकी हिम्मत ने “सिस्टम” को आईना जरूर दिखा दिया है. महिला की इस हिम्मत की सोशल मीडिया पर जम कर सराहना हो रही है.

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