एपिस्टिन फाइल , भारत-अमेरिका व्यापार डील, ईरान युद्ध और अब लोकसभा में डिलिमिटेशन बिल का गिर जाना, एक के बाद एक हुई इन घटनाओं के बाद सवाल उठने लगे है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू क्या वाकई टूटने लगा है. खासकर सोमवार को सोशल मीडिया पर बीजेपी के कद्दवार नेता मुरली मनोहर जोशी Murli Manohar Joshi के वायरल हो रहे बयान के बाद जिसमें उन्होंने सीधे सीधे प्रधानमंत्री कि छवि पर निशाना साधा है.
बीजेपी में बढ़ रही है पीएम मोदी के खिलाफ बयानबाजी
ये सवाल इसलिए भी मजबूत हो रहे है क्योंकि खुद बीजेपी में भी प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बयान बाजी बढ़ने लगी है. पहले तो सिर्फ बीजेपी के पूर्व मंत्री और सांसद डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ही पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोले रहते थे. लेकिन पिछले कुछ दिनों मोदी पर किताब लिखने वाली पत्रकार मधु किश्वर ने भी प्रधानमंत्री पर तरह-तरह के आरोप लगाए है. जिनमें व्यभिचारिता के आरोप सबसे प्रमुख है. और अब पीएम मोदी के दिल्ली की कुर्सी संभालते ही मार्गदर्शक मंडल में डाल दिए गए भाजपा के कद्दावर नेता मुरली मनोहर जोशी ये कहकर एक मोर्चा और खोल दिया है कि “हम विश्व गुरु कभी थे, आजकल हमें खुद को विश्व गुरु नहीं कहना चाहिए”
हमें आजकल विश्वगुरु खुद को नहीं बोलना चाहिए- Murli Manohar Joshi
सोमवार को सोशल मीडिया पर भाजपा के कद्दावर नेता, मार्गदर्शक मंडल के सदस्य मुरली मनोहर जोशी का एक बयान काफी वायरल हो रहा है जिसमें वह कर रहे है कि, “हमें आजकल विश्वगुरु खुद को नहीं बोलना चाहिए, हम कभी विश्व गुरु थे लेकिन अब विश्व गुरु नहीं हैं. ”
‘स्वघोषित विश्वगुरु’ मोदीजी को श्री मुरली मनोहर जोशी का करारा जवाब 👇 pic.twitter.com/8gGTMKyb2f
— INC TV (@INC_Television) April 20, 2026
जादूगर पकड़ा गया है- राहुल गांधी
मुरली मनोहर जोशी का ये बयान ऐसे समय पर वायरल हो रहा है जब पीएम मोदी की छवि को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है. पिछले ही हफ्ते लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डिलिमिटेशन और महिला आरक्षण पर बुलाए गए स्पेशल सेशन में दिए अपने भाषण में कहा था कि, “BJP जानती थी, उन्हें साफ़ पता था कि यह बिल असल में पास नहीं हो सकता. उन्हें पता था. वे बेवकूफ़ नहीं हैं. उन्हें पता था कि हर अपोज़िशन का आदमी इसका विरोध करेगा. यह बिल पास नहीं हो सकता. यह एक पैनिक रिएक्शन था. यह एक पैनिक रिएक्शन था क्योंकि प्राइम मिनिस्टर को, किसी भी कीमत पर, दो मैसेज भेजने थे. नंबर एक, उन्हें इंडिया का इलेक्टोरल मैप बदलना था. और नंबर दो, उन्हें फिर से यह मैसेज भेजना था कि वह प्रो-वीमेन हैं. वह ऐसा क्यों कर रहे हैं, यह मैं आपकी सोच पर छोड़ता हूँ. मैं इसे आपकी सोच पर छोड़ता हूँ… सच तो यह है कि जादूगर पकड़ा गया है. बालाकोट का जादूगर, डीमॉनेटाइज़ेशन का जादूगर, सिंदूर का जादूगर पकड़ा गया है…”
VIDEO | Speaking in Lok Sabha, LoP Rahul Gandhi says, “…it is important that everyone understands. The BJP knew, they knew very clearly that this bill actually cannot be passed. They knew it. They’re not stupid. They knew every opposition person would oppose it. This bill… pic.twitter.com/v5A5nKcvNb
— Press Trust of India (@PTI_News) April 17, 2026
हलांकि विपक्ष तो हमेशा से बीजेपी सरकार पर हमलावर रहा है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की छवि पर पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का हमला और ये तक कह देना की “मैं मोदी का राजनीतिक करियर बर्बाद नहीं करना चाहते” और ऑपरेशन सिंदूर रुकवाने को लेकर दिए बयान, फिर हाल फिलहाल में एपिस्टिन फाइल को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी और मधु किश्वर के बयान और अब विश्व गुरु का छवि पर हमला और इन हमलों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी कई सवाल उठाती है. खासकर ये सवाल कि क्या प्रधानमंत्री अब अपना बचाव करने में सक्षम नहीं है क्या.
ये भी पढ़ें-‘PM मोदी की झालमुड़ी और हेमंत सोरेन का हेलिकॉप्टर’: झाड़ग्राम में नया सियासी घमासान

