बिहार में पंचायत राजनीति गरमाई, 11 सदस्यों ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

जहानाबाद।  रतनी फरीदपुर प्रखंड में उस समय राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई, जब पंचायत समिति के 11 सदस्यों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने के लिए जिला पदाधिकारी कार्यालय का रुख किया। इस दौरान सदस्यों ने प्रखंड प्रशासन पर मनमानी और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है

पंचायत समिति सदस्यों का कहना है कि प्रखंड में संचालित विकास योजनाओं में पारदर्शिता का अभाव है। उनका आरोप है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में उन्हें शामिल नहीं किया जाता और कई योजनाएं बिना उनकी जानकारी के संचालित की जा रही हैं, जिससे क्षेत्र के समुचित विकास पर असर पड़ रहा है। सदस्यों ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए कहा कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे आगे और सख्त कदम उठाने को बाध्य होंगे। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर पंचायत राजनीति में हलचल तेज हो गई है और मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

आवश्यक कार्रवाई का दिया गया भरोसा

वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी आकांक्षा सिन्हा ने बताया कि नियमानुसार पंचायत समिति की बैठक के लिए न्यूनतम 13 सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक होती है, लेकिन संबंधित बैठक में पर्याप्त सदस्य मौजूद नहीं थे। इसी कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा। प्रशासन का कहना है कि मामले में सभी पक्षों की बात सुनने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस्तीफा देने वाले पंचायत समिति सदस्यों का साफ तौर पर करना था कि पिछले कई महीनो से विकास कार्यों में मनमानी ढंग से पदाधिकारी कार्य कर रहे हैं हम लोगों के बात को नहीं सुना जाता है हम लोग कई बार पदाधिकारी से मिलकर अपनी बात रखें लेकिन उसे पर ध्यान नहीं दिया जाता है। अंत में हम लोगों ने निर्णय लिया कि हम लोगों को जनप्रतिनिधि रहने से कोई फायदा नहीं है ऐसी स्थिति में हम लोगों ने सामूहिक इस्तीफा की चेतावनी दी है। 

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