Assembly elections 2026: केरल, असम और पुडुचेरी में कल (गुरुवार) 9 अप्रैल को डाले जाएंगे वोट, मतदान की तैयारियां हुई पूरी

Assembly elections 2026: केरल, असम और पुडुचेरी में कल (गुरुवार) 9 अप्रैल को डाले जाएंगे वोट, मतदान की तैयारियां हुई पूरी
लगभग एक महीने की ज़ोरदार चुनावी अभियान के बाद, केरल, असम और पुडुचेरी में गुरुवार 9 अप्रैल को 296 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे. वोटिंग में केरल की 140 सीटें, असम की 126 सीटें और पुडुचेरी की 30 सीटें शामिल होंगी, और वोटों की गिनती 4 मई को होगी. इन 296 विधानसभा सीटो पर कुल 1,849 उम्मीदवार मैदान में हैं.

केरल की 140 सीटो पर मतदान की तैयारी पूरी

9 अप्रैल को केरल विधानसभा के लिए होने वाले मतदान में मुख्य मुकाबला CPI(M) के नेतृत्व वाले LDF, कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF और BJP के नेतृत्व वाले NDA के बीच है. इस चुनाव प्रचार की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और पिनाराई विजयन जैसे शीर्ष नेताओं ने संभाली है.
केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर ने बताया कि 9 अप्रैल को होने वाले एक चरण के विधानसभा चुनावों के लिए पूरे राज्य में 1.46 लाख प्रशिक्षित मतदान कर्मियों को भेजा गया है. इन चुनावों में लगभग 2.7 करोड़ मतदाताओं के हिस्सा लेने की उम्मीद है, और वोटों की गिनती 4 मई को होगी. ANI की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने चुनाव से जुड़े मामलों में 180 लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज की हैं.
केलकर ने आगे बताया कि 1,200 से ज़्यादा पुलिस टीमें ज़मीन पर सक्रिय हैं, और वोटों की गिनती 140 स्ट्रॉन्ग रूम और 43 जगहों पर की जाएगी. चुनाव प्रचार मंगलवार शाम को समाप्त हो गया, जिसके साथ ही अनिवार्य ‘मौन अवधि’ (साइलेंस पीरियड) शुरू हो गया है.

असम हिमंत बिस्वा सरमा बनाम गौरव गोगोई है मुकाबला

असम की 126 सीटो के लिए गुरुवार को वोट पड़ेंगे. विधानसभा चुनाव प्रचार का केंद्र मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के तीन देश के पासपोर्ट और हिमंता का सबसे लंबे शासन का रिकॉर्ड रहा तो उधर गौरव गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस बीजेपी को कड़ी टक्कर दे रही है. चुनावों से पहले BJP और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, जिससे राजनीतिक घमासान मच गया.
चुनाव आयोग ने कहा है कि वह असम में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए पूरी तरह तैयार है. सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. ANI की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 2.5 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं.

पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटो के लिए पड़ेंगे कल वोट

पुडुचेरी में भी 30 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव प्रचार समाप्त हो गया है, जहाँ 294 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. इस केंद्र शासित प्रदेश में 9.5 लाख से अधिक मतदाता हैं.
पुडुचेरी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी. जवाहर ने कहा कि पूरे केंद्र शासित प्रदेश में सुचारू और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं.
उन्होंने कहा, “पुडुचेरी के निर्वाचन विभाग ने अपने जिला और रिटर्निंग अधिकारियों के माध्यम से व्यापक व्यवस्थाएं की हैं. लॉजिस्टिक्स (साजो-सामान की व्यवस्था) बहुत महत्वपूर्ण है, जिसके तहत मतदान दलों और सामग्री को समय पर मतदान केंद्रों तक भेजा जा रहा है. इस प्रक्रिया पर ड्रोन और 1,099 मतदान केंद्रों पर तैनात 110 सेक्टर अधिकारियों के ज़रिए नज़र रखी जा रही है.”
उन्होंने आगे कहा, “सुरक्षा के मामले में, कई स्तरों पर उपाय किए गए हैं. इनमें से 209 पोलिंग स्टेशनों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जहाँ किसी भी घटना को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को भी तैनात किया गया है… 48 घंटे की ‘साइलेंस पीरियड’ (चुप्पी की अवधि) के दौरान आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाता है. इस दौरान चुनाव प्रचार पर रोक रहती है, शराब की दुकानें बंद रहती हैं, और किसी भी तरह के प्रलोभन पर कड़ी नज़र रखी जाती है.”

Assembly elections 2026: तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल में भी अप्रैल में होगा मतदान

9 अप्रैल को होने वाला मतदान एक व्यापक चुनावी चक्र का पहला चरण है. इसके दूसरे चरण में तहत तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में—23 अप्रैल और 29 अप्रैल को—चुनाव होंगे.
इसके अलावा, चुनाव आयोग 4 मई को नतीजों के बाद मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) का अंतिम चरण शुरू करेगा. इस प्रक्रिया के तहत 17 राज्यों और पाँच केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 37 करोड़ मतदाताओं को शामिल किया जाएगा.

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