शुक्रवार को AAP MP राघव चड्ढा Raghav Chadha ने अपनी पार्टी द्वारा राज्यसभा के डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने के बाद पहली प्रतिक्रिया दी. X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो मैसेज में, चड्ढा ने पूछा कि क्या पार्लियामेंट में पब्लिक इंटरेस्ट के मुद्दे उठाना “क्राइम” है. क्लिप में चड्ढा पूछते हुए दिखे, “क्या मैंने कुछ गलत किया है?”
जनता के मुद्दे उठाना क्या कोई गुनाह है या गलती?
चड्ढा ने कहा, “जब भी मुझे पार्लियामेंट में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं…लेकिन क्या ऐसा करना कोई गुनाह है या गलती? मैं यह इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि AAP ने राज्यसभा सेक्रेटेरिएट से राघव चड्ढा के पार्लियामेंट भाषण पर रोक लगाने को कहा है.”
AAP नेता ने हैरानी जताई कि कोई क्यों चाहेगा कि वह पार्लियामेंट में बोलना बंद करें, जबकि वह सिर्फ जनता के लिए ज़रूरी मुद्दे उठाते हैं. उन्होंने राज्यसभा में उठाए गए कुछ टॉपिक का ज़िक्र किया, जिसमें एयरपोर्ट पर खाने का ज़्यादा किराया, गिग वर्कर की दिक्कतें, प्रीपेड मोबाइल प्लान से जुड़े मुद्दे और मिडिल क्लास द्वारा दिए जाने वाले टैक्स वगैरह शामिल हैं.
Silenced, not defeated
My message to the ‘aam aadmi’
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खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ‘आम आदमी’ को मेरे संदेश pic.twitter.com/poUwxsu0S3
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 3, 2026
“मेरी चुप्पी को मेरी हार मत समझना.”-Raghav Chadha
राघव चड्ढा ने कहा, “कोई मुझे चुप क्यों कराना चाहेगा?” उन्होंने लोगों के सपोर्ट के लिए उनका शुक्रिया भी अदा किया. एक कड़े मैसेज में चड्ढा ने आगे कहा: “मेरी चुप्पी को मेरी हार मत समझना.”
AAP नेता को गुरुवार को पार्टी के राज्यसभा डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया गया और यह रोल MP अशोक मित्तल को दे दिया गया.
राज्यसभा में अपने भाषणों का कलेक्शन किया शेयर
हटाए जाने के कुछ घंटों बाद, राघव चड्ढा ने X पर एक क्लिप शेयर की जिसमें संसद में उठाए गए उनके मुद्दों का कलेक्शन था. पोस्ट के साथ एक 🧿इमोजी भी था, लेकिन राज्यसभा में मिली हार पर चड्ढा ने कोई और बात नहीं कही.
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 2, 2026
पिछले कुछ हफ़्तों में राघव चड्ढा ने पार्लियामेंट में फ़्लाइट में देरी, कथित पेपर लीक और लीगल पैटरनिटी लीव की मांग जैसे मुद्दे उठाए थे.
राघव चड्ढा और AAP के बीच अनबन?
AAP के राघव चड्ढा को अहम राज्यसभा पद से हटाने के फ़ैसले को आम तौर पर AAP के अंदर अनबन का संकेत माना गया. विपक्ष ने इसकी तुलना 2024 में दिल्ली महिला आयोग (DCW) की पूर्व प्रमुख स्वाति मालीवाल और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच हुई सार्वजनिक अनबन से भी की.
बीजेपी ने साधा आप पर निशाना
दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “पहले स्वाति मालीवाल और अब राघव चड्ढा, AAP दिल्ली के दोनों अहम लोग, केजरीवाल के काम करने के तरीके से दूर होते दिख रहे हैं.” BJP नेता ने यह भी कहा कि AAP का यह कदम दिखाता है कि चड्ढा केजरीवाल की “अराजक और भ्रष्ट लीडरशिप” से दूर हो गए हैं.
AAP से जुड़े कई ज़रूरी मुद्दों पर राघव चड्ढा की चुप्पी को राज्यसभा जाने की एक वजह माना जा रहा है. जब मार्च 2024 में एक्साइज पॉलिसी केस में अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था, तो चड्ढा विरोध प्रदर्शनों से खास तौर पर गायब थे, उन्होंने कहा था कि वह लंदन में आंख की सर्जरी करवा रहे हैं. PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केजरीवाल के लगभग छह महीने जेल में रहने के दौरान चड्ढा दूर रहे और 13 सितंबर, 2024 को रिहा होने के कुछ दिनों बाद ही उनसे मिले.
AAP ने राघव चड्ढा के फैसले को बताया अंदरूनी बदलाव का हिस्सा
इस बीच, AAP का कहना है कि राघव चड्ढा को राज्यसभा की अहम भूमिका में बदलने का फैसला अंदरूनी बदलाव का हिस्सा था. AAP नेताओं ने कथित तौर पर उन दावों को भी गलत बताया कि चड्ढा को पार्टी MPs के कोटे के तहत राज्यसभा में बोलने से रोका गया था.
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