पश्चिम बंगाल में आखिरी चरण के वोटिंग के लिए तैयारियां पूरी,वोटरलिस्ट में जुड़े 1488 नये नाम

West Bangal Last Voting कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026  में दूसरे और आखिरी (फाइनल) चरण का मतदान बुधवार को सुबह 7 बजे से डाला जायेगा. 29 अप्रैल को राज्य की 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है. चुनाव आयोग (ECI) ने पिछले अनुभवों और हिंसा की घटनाओं को देखते हुए इस बार सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए हैं, जो पहले कभी नहीं देखे गए.

West Bangal Last Voting : सुरक्षा का ‘चक्रव्यूह’: 2.3 लाख जवान और ड्रोन तैनात

अंतिम चरण के मतदान को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने ‘अभूतपूर्व’ कदम उठाए हैं. राज्य भर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कुल 2321 कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें करीब 2.3 लाख से ज्यादा जवान शामिल हैं. अकेले कोलकाता में ही रिकॉर्ड 273 कंपनियां मोर्चा संभालेंगी.

पहली बार मतदान केंद्रों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. साथ ही हर बूथ पर CCTV लगाए गए हैं. बूथ के 100 मीटर के दायरे में ‘लक्ष्मण रेखा’ खींची गई है, जहां किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश वर्जित होगा. त्वरित कार्रवाई के लिए 160 मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग टीमें भी तैनात रहेंगी.

मतदान से 1095 उपद्रवी गिरफ्तार

पहले चरण में मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में हुई हिंसा से सबक लेते हुए आयोग ने सख्त रुख अपनाया है. पिछले 24 घंटों के भीतर पुलिस ने 1095 उपद्रवियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है. सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां बर्दवान पूर्व (479) और उत्तर 24 परगना (319) में हुई हैं. पूर्व बर्दवान से तृणमूल कांग्रेस के एक पार्षद को भी हिरासत में लिया गया है. पिछले 36 घंटों का आंकड़ा देखें तो कुल 1543 लोग पकड़े जा चुके हैं.

वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव: 1468 नए नाम जुड़े

मतदान से ऐन पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त अपील ट्रिब्यूनल की मंजूरी के बाद 1468 नए मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में शामिल किए गए हैं. हालांकि, अभी भी करीब 12.8 लाख मतदाताओं का भविष्य अधर में है क्योंकि उनके आवेदन लंबित या अनिश्चित बने हुए हैं.

142 सीटें तय करेंगी बंगाल की सत्ता का भविष्य

दूसरे चरण में 8 जिलों की 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. 2021 के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछली विधानसभा में इन सीटों में से 93 पर टीएमसी और 59 पर बीजेपी का कब्जा था. पहले चरण की 152 सीटों पर मतदान के बाद दोनों ही दल अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस अंतिम चरण का मतदान ही तय करेगा कि बंगाल की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी.

अमित शाह का आश्वासन: ‘गुंडों से डरें नहीं, चुनाव बाद भी रहेगी सुरक्षा’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता के बेहाला में एक रोड शो के दौरान मतदाताओं को भरोसा दिलाया कि मतदान खत्म होने के बाद भी केंद्रीय बल कम से कम 7 दिनों तक तैनात रहेंगे, ताकि चुनाव बाद होने वाली हिंसा को रोका जा सके. शाह ने कहा, “किसी भी गुंडे से डरने की जरूरत नहीं है. जरूरत पड़ी तो सुरक्षा बल 60 दिनों तक भी रुक सकते हैं.”

मतदान का समय: सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक।

आयोग की चेतावनी: मतदाताओं को डराने या बाधा डालने की किसी भी कोशिश पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी.

Latest news

Related news