Childbirth in space,वाशिंगटन: इंसान तेजी से अंतरिक्ष में नई संभावनाओं की तलाश कर रहा है। भविष्य में चंद्रमा और मंगल पर इंसानी बस्तियां बसाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं। लेकिन इस महत्वाकांक्षी योजना के साथ एक बड़ा सवाल भी सामने आ गया है—क्या अंतरिक्ष में गर्भधारण और बच्चे का जन्म सुरक्षित हो सकता है? वैज्ञानिकों के मुताबिक तकनीकी रूप से यह संभव जरूर है, लेकिन इसके साथ कई गंभीर जोखिम जुड़े हुए हैं।
Childbirth in space,: माइक्रोग्रैविटी में भ्रूण का विकास बड़ी चुनौती
पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण मानव शरीर के विकास में बेहद अहम भूमिका निभाता है। यह हमारी हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। लेकिन अंतरिक्ष में मौजूद माइक्रोग्रैविटी (लगभग शून्य गुरुत्वाकर्षण) के कारण भ्रूण के विकास पर गंभीर असर पड़ सकता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे माहौल में भ्रूण की हड्डियों का घनत्व कम हो सकता है। इससे बच्चे के शरीर का ऊपरी हिस्सा तो सामान्य रूप से विकसित हो सकता है, लेकिन निचले हिस्से और पैरों की मांसपेशियां कमजोर रह सकती हैं।
मस्तिष्क और आंखों पर पड़ सकता है असर
अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण शरीर के तरल पदार्थ सिर की ओर शिफ्ट होने लगते हैं। इससे गर्भ में पल रहे शिशु की खोपड़ी के अंदर दबाव बढ़ सकता है। यह दबाव बच्चे के मस्तिष्क के विकास और आंखों की रोशनी को प्रभावित कर सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार इससे भविष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याएं होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
कॉस्मिक रेडिएशन भी बड़ा खतरा
अंतरिक्ष में पृथ्वी की तरह वायुमंडल का सुरक्षा कवच नहीं होता। ऐसे में वहां कॉस्मिक रेडिएशन का खतरा काफी ज्यादा रहता है। भ्रूण के सेल्स तेजी से विभाजित होते हैं, इसलिए वे रेडिएशन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। रेडिएशन डीएनए को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे जन्म दोष, मिसकैरेज या समय से पहले जन्म जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
अंतरिक्ष में डिलीवरी भी होगी बेहद कठिन
स्पेस में बच्चे को जन्म देना भी किसी बड़ी मेडिकल चुनौती से कम नहीं होगा। बिना गुरुत्वाकर्षण के लेबर पेन के दौरान पुश करना और शरीर के फ्लूइड्स को नियंत्रित करना मां और डॉक्टरों के लिए बेहद मुश्किल हो सकता है।
इतना ही नहीं, अगर कोई बच्चा अंतरिक्ष में पैदा होकर वहीं बड़ा होता है, तो बाद में पृथ्वी के भारी गुरुत्वाकर्षण में खुद को ढालना उसके लिए एक बड़ी शारीरिक चुनौती बन सकता है।
भविष्य की रिसर्च पर टिकी उम्मीद
वैज्ञानिकों का कहना है कि अंतरिक्ष में मानव जीवन को स्थायी बनाने से पहले इस विषय पर अभी और गहन शोध की जरूरत है। जब तक इन चुनौतियों का समाधान नहीं मिल जाता, तब तक अंतरिक्ष में बच्चे का जन्म सुरक्षित माना जाना मुश्किल है।

