Trump Threat to Iran : ईरान पर हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि है अमेरिका ने “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस” शुरू कर दिया है. ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी हमले का मकसद ईरान के वर्तमान शासन से उत्पन्न खतरों को खत्म करना है.ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए साफ शब्दों में कहा है कि वे ईरान के मिसाइल इंडस्ट्री को मिट्टी में मिला देंगे, ईरान की नौसेना को तबाह कर देंगे.
Trump Threat to Iran-ईरान को परमाणु संपन्न राष्ट्र नहीं बनने देंगे
अपने सोशल ट्रूथ पर ट्रंप ने ईरानी के शासन को बेहद खतरनाक समूह बताते हुए कहा कि वो ईरान को कभी भी परमाणु हथियार सं संपन्न राष्ट्र नहीं बनने देंगे. ट्रंप न कहा कि ईरान लंबी दूरी की मिसाइल बनान क प्रयास कतर रहा है जो अमिरिका के लिए और उनके सहयोगियों के लिए गंभीर खतरा हैं.इसलिए हम उनकी मिसाइलों को नष्ट करके उनकी पूरी मिसाइल इंडस्ट्री को नेस्तनाबूद कर देंगे. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की नौसेना को पूरी तरह तबाह कर देगा और यह तय करेगा कि तेहरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके. उन्होंने ईरानी सेना आईआरजीसी से को तुरंत सरेंडर करने की भी धमकी दी है.
#WATCH | US President Donald Trump says, “A short time ago, the United States military began major combat operations in Iran. Our objective is to defend the American people by eliminating imminent threats from the Iranian regime, a vicious group of very hard, terrible people. Its… pic.twitter.com/EJNaBlYWCm
— ANI (@ANI) February 28, 2026
ईरान ने भी किया जवाबी हमला
अमेरिका और इजरा/इल के संयुक्त हमले के जवाब में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है. ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया है कि उन्होने बैलेस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स के जरिये इजरायल पर हमला शुरू कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इरान ने अब तक तक 70 से अधिक बैलेस्टिक मिसाइलें दागी हैं. इजराइल में लगातार खतरो के सायरन बज रहे हैं और लोग शेल्टर्स की तरफ भाग रहे हैं.
इजराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF ) ने मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की कोशिश की है. ईरान ने अमेरिका के लोकल सिक्योरिटी बेस जैसे UAE में Al Dhafra, बहरीन, कुवैत पर भी हमले किए है. ईरान का साथ देने यमन से हूती भी शामिल हो गये हैं. ईरानी हमले के देखते हुए UAE, कुवैत में एयरस्पेस बंद कर दिये गये हैं. इन देशों में भी खतरे की घंटी बज रही है.

