US Supreme Court : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के उन जजों पर तीखा हमला बोला है, जिन्होंने राष्ट्रपति के द्वारा दुनिया भर के देशों पर लगाये गये टैरिफ़ को गैकानूनी करार दिया है . सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ लागू करने के फैसले को ‘गहरे तौर पर निशानाजनक’ बताया और इसे रद्द करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की बेंच ने ये फैसला 6-3 की बहुमत से सुनाया है.
US Supreme Court से नाराज ट्रंप ने जजों को कहा – “fools and lapdogs
फैसले से नाराज डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जजों को “निश्चित रूप से शर्मिंदा” होना चाहिए. उनमें “सही काम को कहने का साहस नहीं था. फैसले के कुछ घंटे बाद ही व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित किया गया ,जिसमें ट्रंप ने ये बात कही.
इसी प्रेस कॉन्फ़्रेंस की शुरुआत में ही ट्रंप ने जजों पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा, “मुझे अदालत के कुछ सदस्यों पर शर्म आती है. हमारे देश के लिए जो सही है, उसे करने का साहस न दिखाने पर बिल्कुल शर्म आती है.”
ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के जजो के लिए क्या कहा ?
ट्रंप ने फैसले के कुछ घंटों बाद व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और जजों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कोर्ट के फैसले को शर्मनाक (disgraceful), निराशाजनक और अपमानजनक बताया. उन्होंने कहा कि कहा, “मुझे कुछ जजों पर शर्म आ रही है” (I’m ashamed of certain members of the court). ट्रंप ने बहुमत से फैसला देने वाले जजों को “disgrace to our nation”, “fools and lapdogs”, “unpatriotic and disloyal” तक कह दिया.
ट्रंप ने यहां तक कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट विदेशी ताकतों या राजनीतिक दबाव से प्रभावित है. ट्रंप का गुस्सा खास तौर से उन दो जजों Amy Coney Barrett और Neil Gorsuch पर फूटा जिन्हें उन्होंने खुद नियुक्त किया था. वहीं ट्रंप ने ज्यूरी में शामिल उन तीन जजों (Clarence Thomas, Samuel Alito, Brett Kavanaugh) की तारीफ की जिन्होने ट्रंप के खिलाफ फैसला देने में असहमति जताई.
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सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा ?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा अमेरिका फर्स्ट के नाम पर दुनिया भर के देशों पर थोपी गई अव्यवहारिक टैरिफ के खिलाफ चल रहे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी 2026 को 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया. जिसमें कहा गया कि ट्रंप ने International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत राष्ट्रपति की शक्तियों का दुरुपयोग किया है.
कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की मंजूरी के इतने बड़े पैमाने पर टैरिफ नहीं लगा सकते, क्योंकि टैक्स लगाने का अधिकार कांग्रेस के पास है.

