गुरुवार को नई दिल्ली फ्रंटियर AI कमिटमेंट्स New Delhi Frontier AI की घोषणा की गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का एक महत्वपूर्ण नतीजा और दुनिया की बड़ी और भारतीय AI कंपनियों द्वारा अपनाया गया एक साझा वॉलंटरी फ्रेमवर्क बताया.
वैष्णव ने कहा, “आज, हमारी अपनी AI कंपनियों के साथ-साथ लीडिंग फ्रंटियर AI कंपनियाँ वॉलंटरी कमिटमेंट्स का एक सेट बनाने के लिए एक साथ आई हैं — इनक्लूसिव और शेयर्ड AI के लिए एक शेयर्ड कमिटमेंट.”
‘New Delhi Frontier AI Impact Commitments’
at India AI Impact Summit 2026 🤝🌎 pic.twitter.com/4XysKgBRUK— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) February 19, 2026
New Delhi Frontier AI से जुड़े दो खास कमिटमेंट क्या हैं
मंत्री के मुताबिक, यह फ्रेमवर्क दो मुख्य पिलर पर टिका है:-
पहला, एनॉनिमाइज्ड और एग्रीगेटेड इनसाइट्स के ज़रिए रियल-वर्ल्ड AI के इस्तेमाल को आगे बढ़ाने पर फोकस करता है. इस कमिटमेंट के तहत, हिस्सा लेने वाले ऑर्गनाइज़ेशन एनॉनिमाइज्ड, एग्रीगेटेड और टैक्सोनॉमाइज्ड यूसेज डेटा से मिली स्टैटिस्टिकल इनसाइट्स को सीधे या इंटरनेशनल कोलेबोरेशन के ज़रिए पब्लिश करेंगे.
वैष्णव ने कहा कि यह कोशिश यूज़र प्राइवेसी की सुरक्षा करते हुए नौकरियों, स्किल्स और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पर सबूतों पर आधारित पॉलिसी बनाने में मदद करेगी. इस कदम से सरकारों और संस्थाओं को पर्सनल डेटा से कॉम्प्रोमाइज़ किए बिना एम्प्लॉयमेंट ट्रेंड्स और उभरती स्किल ज़रूरतों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलने की उम्मीद है.
दूसरा कमिटमेंट मल्टीलिंगुअल और यूज़-केस इवैल्यूएशन को मज़बूत करने पर है. इसमें हिस्सा लेने वाले ऑर्गनाइज़ेशन अलग-अलग भाषाओं और कल्चरल कॉन्टेक्स्ट में AI सिस्टम को इवैल्यूएट करने के लिए काम करेंगे, जिसमें असेसमेंट के लिए इस्तेमाल होने वाले टूल्स और बेंचमार्क में फ्लेक्सिबिलिटी होगी. वे कम रिप्रेजेंटेशन वाली भाषाओं और कल्चरल कॉन्टेक्स्ट के लिए इवैल्यूएशन फ्रेमवर्क डेवलप करने और अप्लाई करने के लिए लोकल इकोसिस्टम के साथ भी कोलेबोरेट करेंगे.
वैष्णव ने कहा, “यह ग्लोबल साउथ के लिए खास तौर पर ज़रूरी है, ताकि यह पक्का हो सके कि AI अलग-अलग भाषाओं और कल्चर में असरदार तरीके से काम करे,” उन्होंने अलग-अलग भाषाई कम्युनिटी में हाई-क्वालिटी एक्सपीरियंस देने के लिए AI सिस्टम की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.
प्राइवेसी, सबको साथ लेकर चलना और दुनिया भर में काम आना
ये वादे प्राइवेसी के बचाव के तरीकों पर ज़ोर देते हैं, साथ ही यह भी समझते हैं कि AI दुनिया भर की अर्थव्यवस्था में कैसे फैल रहा है. आर्थिक मकसदों के लिए AI अपनाने के एनालिसिस को बेहतर बनाकर, कंपनियों का मकसद समय के साथ सही तुलना करना और बड़े पैमाने पर अपनाने और मौके को सपोर्ट करना है.
मंत्री ने कहा, “ये कोशिशें मिलकर AI को आकार देने की दिशा में एक ज़रूरी कदम हैं, जो न सिर्फ़ पावरफ़ुल है, बल्कि सबको साथ लेकर चलने वाला, डेवलपमेंट पर ध्यान देने वाला और दुनिया भर में काम का भी है.”
New Delhi Frontier AI पेश किए जाने के दौरान ग्लोबल टेक लीडर्स मौजूद थे
इस घोषणा के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में समिट की जगह पर सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन, एलेक्ज़ेंडर वांग और डारियो अमोदेई समेत ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर्स के साथ एक ग्रुप फ़ोटो खिंचवाई.
The Hon’ble Prime Minister of India, Shri @narendramodi along with global technology leaders including Sundar Pichai, CEO of @Google and Alphabet; Sam Altman, CEO of @OpenAI; Alexandr Wang, Chief AI Officer, @Meta; Dario Amodei, CEO of @AnthropicAI; Demis Hassabis, CEO &… pic.twitter.com/Ax4ML0xqwj
— IndiaAI (@OfficialINDIAai) February 19, 2026
16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में होने वाले इंडिया AI इम्पैक्ट समिट का मकसद दुनिया भर की चुनौतियों का सामना करने और मिलकर आगे बढ़ने के मौके पाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का फ़ायदा उठाना है.
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