Thursday, February 26, 2026

भागलपुर में नर्सिंगहोम की दादागिरी,मरीज की मौत के बाद कवरेज के लिए पहुंचे मीडियाकर्मियों को घंटों के लिए लिफ्ट में किया बंद

भागलपुर , अजय कुमार , संवाददाता :  बिहार में सरकारी मेडिकल व्यवस्था का हाल बेहाल है.लाचार मरीज मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करते हैं लेकिन बेहिसाब पैसे चुकाने के बाद भी मरीज अस्पताल से इलाज कराकर सही सलामत घर लौट जायेगा ,इसकी कोई गारंटी नहीं है.

निजी नर्सिंग होम में 26 साल के युवक की मौत

ताजा मामला शहर के तेजस्वी नर्सिंग होम से आया है. यहां इलाज के दौरान 26 वर्षीय युवक अमित की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण युवक की जान गई. नाराज परिजन अपना विरोध जताने लाठी डंडे के साथ नर्सिंग होम पहुंच गये. इस दौरान मीडियाकर्मी भी खबर कवर करने मौके पर पहुंचे. कवरेज के लिए गये मीडियाकर्मियों ने बताया कि पहले तो अस्पताल प्रशासन ने उन्हें अंदर आने से रोका, फिर जब पत्रकार नहीं रुके और लिफ्ट की बिजली काट दी गई. कई पत्रकार लिफ्ट में घंटों फंसे रहे

लापरवाही के लिए बदनाम है तेजस्वी नर्सिंग होम

दरअसल भागलपुर का ये नर्सिंग होम अपनी लापरवाही के लिए अक्सर चर्चा में रहता है. यहां आए दिन प्रदर्शन हुआ करते हैं. परिजनों के मुताबिक यहां मरीजों के परिजनों के साथ डॉक्टर्स और कर्मचारियों का व्यवहार बेहद खराब है.लोगों की माने तो यहां आए दिन डॉक्टरों की लापरवाही से कई लोगों की जाती हैं.

ताजा मामले में नाथनगर नसरत खानी के रहने वाले कपिल देव सिंह के पुत्र अमित कुमार तपस्वी नर्सिंग होम में संदेहास्पद परिस्थियों में  मौत हो गई है . परिजनों का कहना है उनके बेटे की मौत का जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर हैं. डाक्टर की लापरवाही के कारण ही उनके बेटे की मौत हुई है. मृतक अमित के पिता कपिल देव सिंह ने बताया मेरे बेटे को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, मैंने तपस्वी नर्सिंग होम मैं उसे रविवार की रात एडमिट कराया और सोमवार की दोपहर उसकी मौत हो गई. मैंने कितनी दफा इलाज कर रहे डॉक्टर शशिकांत जोशी को बताया लेकिन उनका कहना था कि डॉक्टर मैं हूं या आप. मैं जैसे इलाज कर रहा हूं होने दीजिए आप निश्चिंत रहिए. आप के रोगी को कुछ भी नहीं होगा लेकिन एक 24 घंटे के अंदर अमित की मौत हो गई. गौरतलब है कि अमित कुमार की शादी दिसंबर में ही हुई थी. परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है.

खबर कवरेज के लिए पहुंचे मीडियाकर्मियों को लिफ्ट में किया बंद

अस्पताल में शोर-शराबा होने के बाद मीडियाकर्मी कवरेज के लिए जैसे ही अस्पताल पहुंचे और चौथी मंजिल चढ़ने के लिए लिफ्ट पर सवार हुए तो वहां के कर्मियों ने लिफ्ट की बिजली काट दी, जिसके चलते कई मीडियाकर्मी घंटों लिफ्ट में फंसे रहे. मीडिया कर्मियों का दम घुटने लगा तब जाकर  लिफ्ट में फंसे मीडियाकर्मियों ने भागलपुर एसएसपी को फोन किया. उन्होंने जब फोन रिसीव नहीं किया तो 112 पर डायल किया गया, वहां भी किसी ने फोन नहीं उठाया. उसके बाद सीटी डीएसपी ने आदमपुर थाने को सूचना दी, तब जाकर लिफ्ट खोला गया और सभी मीडियाकर्मियों की जान बची.

अस्पताल के कर्मियों ने मृतक के परिजनों को पीटा

देखते ही देखते तपस्वी नर्सिंग होम अखाड़ा बन गया. अस्पताल के ही कर्मी मृतक के परिजनों पर लाठी-डंडे, लात घूसे बरसाते नजर आये. परिजन अस्पातल से मृतक युवक का शव देने की मांग रहे थे लेकिन अस्पातल के स्टाफ ने मृतक के परिजनों के साथ मारपीट शुरु कर दी. इस दौरान कई और लोग भी घायल हो गए.

घमासान रण क्षेत्र बने तपस्वी नर्सिंग होम में आदमपुर थाना क्षेत्र की पूरी टीम पहुंची तब जाकर कहीं स्थिति पर काबू पाया जा सका. पुलिस ने मृतक अमित कुमार के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.

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