Saturday, February 28, 2026

जोरदार हंगामे के बीच संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त,स्पीकर की चाय पार्टी में पंरपरा तोड़ शामिल हुई प्रियंका गांधी

PM Modi Priyanka Gandhi Tea Party :  1 दिसंबर से शुरु हुए संसद के शीतकालीन सत्र का आज समापन हो गया है. ये सत्र 1 दिसंबर से शुरु होकर 19 दिसंबर तक चला. शीतकालीन सत्र पहले दिन से ही हंगामेदार रहा. यहां तक कि आखिरी दिन भी मनरेगा का नाम बदलकर नया नाम देने के मामले को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा देखने के लिए मिला. आज भी इस मुद्दे पर विपक्ष का जोरदार हंगामा जारी था.  हंगामें के बीच ही दोनों सदनों की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया.

PM Modi Priyanka Gandhi Tea Party : स्पीकर ने दी चाय पार्टी  

जैसा की हर बार होता है सत्र के समापन के बाद लोकसभा अध्यक्ष एक चाय पार्टी रखते है, जिसमें पक्ष-विपक्ष के नेताओं को बुलाया जाता है.इस बार भी वो चायपार्टी हुई जिसमें स्पीकर ओम बिरला ने सभी को बुलाया. इस टी पार्टी में पीएम मोदी के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी की तरफ से प्रियंका गांधी भी शामिल हुई.

राहुल ने तोड़ी थी पंरपरा ,प्रियंका ने निभाई  

दरअसल ये पारंपरिक चाय पार्टी इसलिए भी चर्चा में आ गई क्योंकि इससे पहले मानसून सत्र के दौरान स्पीकर की बुलाई चाय पार्टी में राहुल गांधी ने शामिल होने से इंकार कर दिया था, लेकिन इस बार जब स्पीकर ओम बिरला ने बुलाया तो राहुल गांधी तो नहीं आये लेकिन कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी इसमें शामिल हुई.

इस चाय पार्टी में पीएम मोदी के साथ ही प्रियंका गांधी, एनसीपी (शरद) गुट की सुप्रिया सुले के साथ साथ सभी प्रमुख दलों के नेता शामिल हुए. इस टी-पार्टी की एक तस्वीर सामने आई जिसके बाद चर्चाओं का दौर शुरु हो गया. लोग कयास लगाने लगे कि संसद में एक दूसरे के खिलाफ आग उगलने वाले इन नेताओं की चाय पार्टी के दौरान क्या बात हुई होगी.

पीएम मोदी औऱ प्रियंका गांधी के बीच क्या बात हुई ?

चाय पार्टी की इस तस्वीर में देखा जा सकता है कि स्पीकर ओम बिरला के साथ पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ वाली कुर्सी पर प्रियंका गांधी दिखाई दे रही है.अन्य सांसद सामने वाली सीटों पर दिखाई दे रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी और पहली बार वायनाड से सांसद बनी प्रियंका गांधी के बीच उनके निर्वाचन क्षेत्र को लेकर बातचीत हुई है. पीएम मोदी और प्रियंका गांधी की बातचीत इस बातचीत को आने वाले दिनों में सत्तापक्ष और विपक्ष की तल्खी से अलग एक सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने की कोशिश माना जा रहा है.

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