National Herald Case में सोनिया और राहुल गांधी को राहत, दिल्ली कोर्ट ने ED की शिकायत खारिज की

National Herald Case : मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने नेशनल हेराल्ड मामले National Herald Case में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दायर मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत को खारिज कर दिया है.

National Herald Case : क्यों खारिज की गई शिकायत

राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज (PC एक्ट) विशाल गोगने ने कहा कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED द्वारा दायर की गई शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है. उन्होंने कहा, यह मामला किसी फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) पर आधारित नहीं था, बल्कि बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा एक मजिस्ट्रेट के सामने दायर की गई एक प्राइवेट शिकायत पर आधारित था.
लाइव लॉ की खबर के मुताबिक, कोर्ट ने फैसला सुनाया, “चूंकि मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध से संबंधित यह अभियोजन शिकायत किसी FIR पर नहीं, बल्कि एक आम आदमी, यानी डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा धारा 200 CrPC के तहत दायर की गई शिकायत पर संज्ञान और समन आदेश पर आधारित है, इसलिए कानून के अनुसार इस शिकायत पर संज्ञान लेना अस्वीकार्य है.”
इसमें इस बात पर ज़ोर दिया गया कि ED PMLA के शेड्यूल में बताए गए अपराध के संबंध में FIR के आधार पर ही मनी लॉन्ड्रिंग का मामला शुरू कर सकती है.
कोर्ट ने गांधी परिवार के खिलाफ ED की शिकायत को खारिज करते हुए कहा, “सेक्शन 3 के तहत परिभाषित और सेक्शन 4 के तहत दंडनीय मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध से संबंधित जांच और उसके बाद की प्रॉसिक्यूशन शिकायत, FIR या एक्ट के शेड्यूल में बताए गए अपराध के बिना मान्य नहीं है.”

National Herald Case में दिल्ली पुलिस ने दर्ज की है FIR

कोर्ट ने यह भी कहा कि चूंकि दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने अब इस मामले में FIR दर्ज कर ली है, इसलिए आरोपों की मेरिट के संबंध में ED द्वारा दिए गए तर्कों पर फैसला करना जल्दबाजी और नासमझी होगी.
कोर्ट ने आदेश दिया, “सेक्शन 3 के तहत परिभाषित और सेक्शन 4 के तहत दंडनीय अपराध का संज्ञान नहीं लिया गया है. शिकायत खारिज की जाती है.”

ईडी चाहे तो दिल्ली पुलिस की जांच में इपनी दलीलें दे सकती है-कोर्ट

कोर्ट ने आगे कहा कि चूंकि दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और ED ने कहा है कि मामले में जांच चल रही है, इसलिए अगर ED चाहे तो इस मामले में और दलीलें दे सकती है.
गांधी परिवार के अलावा, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन, डॉटैक्स मर्चेंडाइज और सुनील भंडारी को भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोपी बनाया है.

यह बहुत ही बेबुनियाद मामला है-अभिषेक मनु सिंघवी

वहीं कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, “मैंने खुद यह अहम केस लड़ा; यह बहुत महत्वपूर्ण फैसला है. यह एक खोखला मामला था जिसे इतने ऊंचे लेवल तक ले जाया गया, और आज इस पर संज्ञान भी नहीं लिया गया… हमने कहा था कि यह एक ऐसा अजीब मामला है जिसमें कोई पैसे का स्थानांतरण नहीं हुआ, कोई पैसा इधर-उधर नहीं हुआ, कोई संपत्ति इधर-उधर नहीं हुई, तो मनी लॉन्ड्रिंग कहां है?… कोर्ट ने इस पर संज्ञान भी नहीं लिया, इसका मतलब है कि यह बहुत ही बेबुनियाद मामला है.”

क्या है National Herald case

ईडी का मनी लॉन्ड्रिंग का मामला एजेएल और उसकी होल्डिंग कंपनी यंग इंडियन के खिलाफ है. नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन एजेएल द्वारा किया जाता है और इसका स्वामित्व यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के पास है.
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी यंग इंडियन के बहुसंख्यक शेयरधारक हैं, जिनमें से प्रत्येक के पास 38 प्रतिशत शेयर हैं.
ईडी ने आरोप लगाया, “यंग इंडियन और एजेएल की संपत्तियों का इस्तेमाल ₹18 करोड़ के फर्जी दान, ₹38 करोड़ के फर्जी अग्रिम किराए और ₹29 करोड़ के फर्जी विज्ञापनों के रूप में अपराध की आगे की आय अर्जित करने के लिए किया गया.”
यह मामला मूल रूप से भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर किया गया था, जिसमें सोनिया और राहुल गांधी दोनों पर ‘आपराधिक हेराफेरी’ का आरोप लगाया गया था. यह मामला तब दर्ज किया गया जब यंग इंडियन ने 2010 में एजेएल की ₹5,000 करोड़ से अधिक की सभी संपत्तियों का अधिग्रहण कर लिया था.

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