राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव Tejashwi Yadav ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित तौर पर ‘आपत्तिजनक’ पोस्ट साझा करने के लिए महाराष्ट्र में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर शनिवार को प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह डरते नहीं हैं.
पीएम की रैली को बताया था “प्रसिद्ध जुमले की दुकान”
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार में जुमला बोलना भी अपराध हो गया है.
एएनआई के अनुसार यादव ने कहा, “एफआईआर से कौन डरता है? ‘जुमला’ शब्द कहना भी अपराध हो गया है… वे सच से डरते हैं… हम किसी एफआईआर से नहीं डरते और हम सच बोलते हैं.”
“सच” बोला था, इसलिए एफआईआर दर्ज की गई-इंडिया गंठबंधन
राजद नेता संजय यादव ने भी एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ने “सच” बोला था, इसलिए एफआईआर दर्ज की गई.
उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “तेजस्वी जी ने सच बोला था, इसलिए एफआईआर दर्ज की गई है. वे भाजपा शासित राज्यों में एफआईआर दर्ज कर रहे हैं. बिहार में भी भाजपा के सांसद और विधायक हैं, उन्हें यहाँ भी एफआईआर दर्ज करनी चाहिए. अगर सच बोलने पर एफआईआर दर्ज हो रही है, तो उन्हें करने दीजिए; हम सच बोलते रहेंगे.”
कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि अगर एक हज़ार एफआईआर भी दर्ज हो जाएँ, तो भी लक्ष्य हासिल हो जाएगा.
खान ने एएनआई से कहा, “अगर एक हज़ार एफआईआर भी दर्ज हो जाएँ, तो क्या फ़र्क़ पड़ता है?… जब स्वराज की हमारी लड़ाई के दौरान लोगों पर मुक़दमे दर्ज किए गए और उन्हें जेल भी भेजा गया, तब जाकर हमें आज़ादी मिली. यह यात्रा भाजपा के विचारों से आज़ादी पाने के लिए है… हम अपना लक्ष्य हासिल करेंगे. हम वोट चोरी नहीं होने देंगे.”
Tejashwi Yadav के खिलाफ एफआईआर में क्या है आरोप
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में तेजस्वी यादव के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए एक कथित ‘आपत्तिजनक’ सोशल मीडिया पोस्ट साझा करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है. यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक कार्टून शेयर किया था, जिसमें पीएम मोदी की गया रैली को “जुमला-जी की दुकान” बताया गया था.
रैली से पहले एक्स पर शेयर की गई इस पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी का एक कार्टून दिखाया गया था जिसमें वे एक दुकानदार के रूप में दिखाई दे रहे थे. व्यंग्यात्मक दुकान के साइनबोर्ड पर लिखा था, “प्रसिद्ध जुमले की दुकान”. साथ में दिए गए एक पोस्ट में, तेजस्वी यादव ने मोदी से बिहार में एनडीए के 20 सालों के साथ-साथ अपने 11 साल के शासन का भी हिसाब मांगा था.
बीजेपी विधायक मिलिंद नरोटे में दर्ज कराई एफआईआर
गढ़चिरौली पुलिस ने स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक मिलिंद नरोटे की शिकायत पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज की.
पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 356 (मानहानि), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और 353 (सार्वजनिक रूप से शरारत पैदा करने वाले बयान) के तहत एफआईआर दर्ज की गई.
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