ऑनलाइन गेमिंग बिल को मिली राष्ट्रपति की मंजूरी, 3.8 अरब डॉलर के फैंटेसी गेमिंग इंडस्ट्री पर ताला लगने का रास्ता साफ

Online Gaming Bill  : मोदी सरकार के ऑनलाइन गेमिंग बिल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मंजूरी मिल गई है. राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के साथ ही अब देश के अंदर आनलाइन चलाई जा रही फैंटेसी गेमिंग पर ताला लगने का रास्ता भी साफ कर दिया है.

Online Gaming Bill पास होने का असर 

 संसद के मानसून सत्र के दौरान 20 अगस्त को सरकार ने जो तीन बिल पेश किया उनमें एक ‘ऑनलाइन गेमिंग बिल’ पास हो गया. इस बिल को लोकसभा और राज्यसभा से पारित कराने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया था. अब राष्ट्रपति के द्वारा ‘ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन एंड रेगुलेशन बिल’ को बिल को मंजूरी मिल जाने के बाद तरह-तरह के फैंटेसी गेमिंग ऐप्स पर ताला लगने का रास्ता साफ हो गया है.

ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन एंड रेगुलेशन बिल से किन खेलों पर लगेगी रोक?

इस बिल को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के साथ ही अब ये कानून बन गया है और इस कानून के जरिये ऐसे खेलों पर रोक लग सकेगी जिसमें गेंमिंग के नाम पर सट्टेबाजियां होती थी. इस कानून के लागू होने के बाद अब  फैंटेसी लीग, ऑनलाइन लॉटरी, कार्ड गेम्स, पोकर, रमी और आनलाइन  सट्टेबाजी वाले गेम्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जायेगा . लोकसभा और राज्यसभा से इस बिल को 20 अगस्त को पारित कर दिया गया था.

इस बिल क पास होने के बाद उन कंपनियों को बड़ा झटका लगा है, जो आनलाइन गेम्स के जरिये करोड़ों की कमाई कर रहे हैं. इस बिल के अस्तित्व में आने के साथ ही ड्रीम 11 और माय इलेवन सर्किल जैसे गेमिंग ऐप्स ने अपने प्लेटफॉर्म पर रियल मनी गेम्स पर रोक लगा दी है. आपको बता दें कि इस समय भारत में ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री का कुल कारोबार करीब-करीब 3.8 अरब डॉलर का है. नये कानून के बनने के बाद इस उद्योग का भविष्य खतरे में पड़ गया है.

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