बिहार में कुढ़नी विधानसभा उप चुनाव में हार के बाद रविवार को सीएम नीतीश कुमार ने जेडीयू के नेताओं को खुले मंच से संबोधित किया .सीएम नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में हुई हार सहित 2020 में हुए विधानसभा में जेडीयू को कम सीट आने का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ते नजर नजर आये.

जेडीयू के खुले अधिवेशन में सीएम नीतीश कुमार ने अपने पार्टी के नेताओं को संबोधित करने के दौरान बिहार राज्य को विशेष दर्जा दिलाने के नाम पर कहा कि दिल्ली वाले कुछ काम करते नहीं, सिर्फ प्रचार करते हैं. पहले बात बात पर मीडिया पर नजरअंदाज करने का आरोप लगाने वाले सीएम ने आज स्थानीय पत्रकारों का बचाव करते हुए कहा कि यहां के पत्रकार चाहते हैं कि वो सब कुछ लिखें लेकिन दिल्ली वाले उन्हें इजाजत नहीं देते हैं. यहां के पत्रकारों की गलती नहीं है. एक तरीके से सीएम नीतीश ने स्थानीय पत्रकारों को अपने पक्ष में करने का पूरा प्रयास किया . नीतीश कुमार ने कहा कि पटना वाले पत्रकार गलत नहीं है,पत्रकार तो कभी गलत होते नहीं है, लेकिन दिल्ली वालों ने इन लोगों पर कब्जा जमा लिया. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि जैसे ही सत्ता बदलेगी, पत्रकार दूध का दूध और पानी का पानी करने में देर नहीं लगायेंगे. क्योंकि सबकुछ तो रिकार्डेड होता है….
खुले अधिवेशन के बावजूद सीएम ने कुढ़नी में जेडीयू प्रत्याशी की हार पर कुछ नहीं कहा.सीएम ने इस बात पर कोई सफाई नहीं दी कि राज्य में आरजेडी- जेडीयू गठबंधन के बावजूद आरजेडी की जीती हुई सीट भी महागठबंधन सरकार क्यों बचा नहीं पाई.

