Tuesday, June 30, 2026
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रामभक्तों पर गोली चलाने वालों को आस्था की याद? सीएम ने अखिलेश को घेरा

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रामपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को मुरादाबाद के बाद रामपुर पहुंचे, जहां उन्होंने जनपद को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। शाहबाद में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने लगभग 690 करोड़ रुपये की लागत वाली 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। ये सभी परियोजनाएं मुख्य रूप से मिलक और बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों के कायाकल्प से जुड़ी हैं। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर भाजपा पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का जोरदार अभिनंदन किया।

रामपुर की विरासत और विकास का संगम

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने रामपुर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि जब भी वह रामपुर की धरती पर कदम रखते हैं, तो यहां का मौसम शिमला जैसा सुखद और सुहाना हो जाता है। उन्होंने रामपुर को आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बताते हुए कहा कि यह भूमि भगवान महाकालेश्वर महादेव, ओम नागेश्वर महादेव, कोसी मंदिर और मां बाला सुंदरी जैसे पवित्र आस्था केंद्रों से समृद्ध है, जो भारत की सनातन परंपरा को नई ऊंचाई देते हैं। इसके साथ ही उन्होंने रामपुर के पारंपरिक उद्योगों की सराहना करते हुए कहा कि पैचवर्क, वायलिन निर्माण और मेंथा उत्पादन के क्षेत्र में इस जिले ने देशभर में अपनी अनूठी पहचान बनाई है। यहां के किसान और उद्यमी मिलकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। इन 102 परियोजनाओं के जरिए मिलक और बिलासपुर क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा।

पिछली सरकारों के भू-माफिया राज पर प्रहार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए वर्ष 2017 से पहले और आज के रामपुर की तुलना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती शासनकाल में सत्ता के संरक्षण में गरीबों और दलितों की जमीनों पर अवैध कब्जे किए जाते थे। वाल्मीकि समाज के लोगों को प्रताड़ित कर उनकी संपत्तियों से जबरन बेदखल कर दिया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सत्ता निरंकुश और अहंकारी हो जाती है, तो वह जनता पर अन्याय का माध्यम बन जाती है। सपा सरकार में हमेशा शोषितों और वंचितों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन जब सरकार जनविरोधी नीतियां अपनाती है, तो जनता उसे सत्ता से उखाड़ फेंकती है। रामपुर की जनता ने जो संदेश दिया, उसने पूरे उत्तर प्रदेश में सपा की निरंकुशता पर लोकतांत्रिक तरीके से लगाम लगाने का काम किया, जिसके परिणामस्वरूप आज रामपुर एक नए और सुरक्षित माहौल में आगे बढ़ रहा है।

भर्तियों में 'चाचा-भतीजे' की वसूली का दौर खत्म

प्रदेश की प्रगति का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है। राज्य आज युवाओं को सबसे ज्यादा रोजगार देने, किसानों को रिकॉर्ड अनुदान देने के साथ-साथ खाद्यान्न, दूध, चीनी और एथेनॉल के उत्पादन में देश का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने अतीत की याद दिलाते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश विकास के हर पैमाने पर सबसे नीचे था और राज्य के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। उस दौर में न बेटियां सुरक्षित थीं और न ही व्यापारी सुरक्षित महसूस करते थे। रोजगार के नाम पर युवाओं को ठगा जाता था। योगी आदित्यनाथ ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उस समय जब भी कोई सरकारी नौकरी की वैकेंसी निकलती थी, तो 'चाचा-भतीजे' की जोड़ी पूरे प्रदेश में वसूली के लिए निकल पड़ती थी।

दो परिवारों के विकास बनाम जनता का विकास

सपा शासन के दौरान प्रशासनिक भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी भर्तियों में इस कदर धांधली होती थी कि अदालत को नियुक्तियों पर रोक लगानी पड़ती थी। गलत नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश के पारंपरिक हस्तशिल्प और उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच गए थे। बुनियादी ढांचे जैसे सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए सरकारी खजाने में पैसे नहीं होते थे क्योंकि तत्कालीन हुक्मरानों की प्राथमिकता में जनता नहीं थी। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि उस समय विकास का लाभ केवल दो कुनबों को मिलता था—एक सैफई का परिवार और दूसरा रामपुर का एक खास परिवार। बाकी पूरा प्रदेश और रामपुर की आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसती थी। उन्होंने दावा किया कि आज भाजपा सरकार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ है, निवेश के रास्ते खुले हैं और बिना किसी भेदभाव के विकास की योजनाएं समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।