नई दिल्ली: राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में बड़े स्तर पर मंत्रिमंडल फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। हालांकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) या भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक और गलियारों में इस बदलाव को लेकर तरह-तरह की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
चुनावी राज्यों पर फोकस और राघव चड्ढा के नाम की चर्चा
इस संभावित फेरबदल में कुछ मौजूदा मंत्रियों को सरकार से हटाकर संगठन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वहीं, जिन राज्यों में आने वाले समय में चुनाव होने हैं, वहां के समीकरणों को साधने के लिए नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में एंट्री मिल सकती है। इस समय सबसे ज्यादा हलचल पंजाब राज्य को लेकर है, जहाँ भाजपा अपने पैर जमाने के लिए काफी एक्टिव नजर आ रही है। इस बीच सबसे दिलचस्प चर्चा राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के नाम को लेकर हो रही है। राजनीतिक हलकों में दावा किया जा रहा है कि हाल ही में आम आदमी पार्टी से भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा को केंद्र सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि, अभी तक इस पर किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई गई है।
पंजाब और दक्षिण भारत के समीकरणों पर जोर
पंजाब से मंत्रिमंडल की रेस में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ के नाम भी सबसे आगे चल रहे हैं। दूसरी ओर, वर्तमान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को इस बार राज्यसभा चुनाव का टिकट न मिलने के कारण उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है। साथ ही केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन को भी दोबारा उम्मीदवार न बनाए जाने से इस मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों को और हवा मिली है। भाजपा का ध्यान इस बार दक्षिण भारत में अपना आधार मजबूत करने पर भी है, जिसके चलते वहां के कुछ नेताओं को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया जा सकता है। इसके अलावा किसी मौजूदा केंद्रीय मंत्री को कर्नाटक भाजपा की कमान सौंपे जाने की भी जोर-शोर से चर्चा है।
मंत्रालयों में बदलाव की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, इस बड़े फेरबदल के दौरान करीब 10 से 12 मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष बनाया गया था, जिसके बाद से ही राष्ट्रीय राजनीति में उनका कद बढ़ने की उम्मीदें और ज्यादा बढ़ गई हैं। बहरहाल, इस पूरे मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल की असली और अंतिम तस्वीर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ हो पाएगी।

