नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली कैबिनेट बैठक में आज 24 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। इस बैठक में शाहजहांपुर की नगर पालिका परिषद के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक कस्बे 'जलालाबाद' का नाम बदलकर 'परशुरामपुरी' करने के प्रस्ताव को योगी कैबिनेट की हरी झंडी मिल सकती है।
इसके साथ ही, राज्य सरकार प्रदेश में नवाचार (इन्नोवेशन) आधारित अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार देने के लिए 'उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026' को भी अपनी आधिकारिक स्वीकृति देने जा रही है।
अगले 5 वर्षों के लिए तैयार हुआ खाका
आगामी पांच सालों तक प्रभावी रहने वाली इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश के शीर्ष स्टार्टअप ईकोसिस्टम वाले राज्यों की फेहरिस्त में अग्रणी स्थान पर स्थापित करना है। इसके जरिए प्रदेश के युवाओं को उद्यमिता (बिजनेस) की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे राज्य में बड़े पैमाने पर नए निवेश और रोजगार के अवसरों का सृजन हो सके।
हाईटेक और डीप-टेक सेक्टर्स पर रहेगा विशेष जोर
व्यापक वित्तीय सहायता: इस नई नीति के तहत हाईटेक और डीप-टेक (Deep-Tech) जैसे उभरते और आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
शुरुआती दौर में मदद: नए स्टार्टअप्स को उनके शुरुआती चरण (सीड स्टेज) से लेकर बिजनेस के विस्तार तक व्यापक वित्तीय सहायता और संस्थागत सहयोग देने का विशेष प्रविधान इस नीति में जोड़ा गया है, ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।




