Monday, July 6, 2026
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बांकीपुर सीट पर भाजपा की रणनीति तेज, उम्मीदवार पर जल्द फैसला

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पटना। राजधानी पटना की हाई-प्रोफाइल और चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी पारा पूरी तरह चढ़ चुका है। नामांकन की औपचारिक शुरुआत होते ही राजनीतिक दलों ने अपनी गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है। इस बार का मुकाबला इसलिए भी बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय होने की उम्मीद है क्योंकि जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने खुद इस सीट से चुनावी मैदान में उतरने का एलान कर दिया है। प्रशांत किशोर के जीवन का यह पहला विधानसभा चुनाव होगा, जिसने तमाम पारंपरिक राजनीतिक सूरमाओं को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है।

यह उपचुनाव विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए साख का सवाल बन चुका है। अपनी इस मजबूत पकड़ वाली सीट को दोबारा बरकरार रखने के लिए पार्टी आलाकमान ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में रविवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में दिग्गजों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिताऊ चेहरे को लेकर गहन मंथन हुआ।

उम्मीदवार की रेस में तीन नाम सबसे आगे

अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हाई-लेवल मीटिंग में करीब एक घंटे तक संभावित नामों के नफा-नुकसान पर चर्चा की गई। हालांकि, अभी तक किसी एक नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन दावेदारों की फेहरिस्त में तीन बड़े चेहरे सबसे आगे चल रहे हैं। इनमें प्रोफेसर रणवीर नंदन, नील रतन घोष और अजय आलोक के नामों पर सबसे ज्यादा विचार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि बांकीपुर की सियासी तासीर को देखते हुए अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी के बाद इसी सप्ताह सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

महागठबंधन में असमंजस, प्रशांत किशोर को समर्थन देने पर बंटी कांग्रेस

  • विपक्ष की घेराबंदी: दूसरी तरफ, धुर विरोधी महागठबंधन अभी तक अपने पत्ते खोलने में नाकाम रहा है। हालांकि, भाजपा के विजय रथ को रोकने के लिए विपक्षी खेमे में एक साझा (एकजुट) उम्मीदवार उतारने की कवायद पर्दे के पीछे चल रही है।

  • कांग्रेस के भीतर मतभेद: इस बीच कांग्रेस के कुछ अंदरूनी धड़ों से एक बेहद चौंकाने वाली मांग उठी है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने खुलकर यह वकालत की है कि विपक्ष को अपना उम्मीदवार उतारने के बजाय सीधे प्रशांत किशोर को समर्थन दे देना चाहिए, ताकि भाजपा को सीधी और प्रभावी टक्कर दी जा सके। हालांकि, इस बयान से पैदा हुए विवाद को दबाते हुए कांग्रेस के आधिकारिक प्रवक्ताओं ने इसे नेताओं की व्यक्तिगत राय बताया और स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला आलाकमान के स्तर पर ही होगा। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी इस सीट पर अपने सामाजिक समीकरणों को टटोलने में जुटा है।

भाजपा की बैठक में जुटे कई दिग्गज नेता

बांकीपुर फतह करने के लिए बुलाई गई इस रणनीतिक बैठक में बिहार भाजपा की पूरी फौज मौजूद थी। बैठक में मुख्य रूप से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, सांसद डॉ. संजय जायसवाल तथा प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया सहित संगठन के कई अन्य शीर्ष रणनीतिकार शामिल हुए। सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि बांकीपुर में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए हर कार्यकर्ता बूथ स्तर पर मुस्तैद रहेगा।