नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। इस घटनाक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी के सवाल और आशंकाएं
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा इस तरह की नियुक्तियों से जनता के मन में संदेह पैदा होता है। अल्वी ने यह भी सवाल उठाया कि एक रिटायर्ड एयर चीफ का राम मंदिर ट्रस्ट से क्या संबंध है, और क्या इसके पीछे 'ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़ा कोई छिपा हुआ सच है जिसके चलते उन्हें यह पद दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर से जुड़े मामलों पर भी सरकार को घेरा।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का तीखा पलटवार
कांग्रेस नेता के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर उनका वीडियो साझा किया। भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के मन में सशस्त्र बलों के प्रति नफरत है और पार्टी इस बात को पचा नहीं पा रही है कि भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तानी आतंकवाद और उनके हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया था।
'ऑपरेशन सिंदूर' की पृष्ठभूमि और वायुसेना की भूमिका
उल्लेखनीय है कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान दिल्ली स्थित वायुसेना की पश्चिमी कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर तैनात थे। इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान द्वारा दिल्ली को निशाना बनाकर दागी गई 'फतह' मिसाइल को भारतीय वायुसेना ने अत्यंत सतर्कता दिखाते हुए सिरसा के आसमान में ही सफलतापूर्वक मार गिराया था और पाकिस्तानी हमले के मंसूबों को पूरी तरह विफल कर दिया था।

