कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। एसटीएफ की सतर्क टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मालदा जिले के कालियाचक स्थित मधुघाट क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-12 पर एक संदिग्ध वाहन को घेराबंदी कर रोक लिया। वाहन की गहन तलाशी के दौरान करीब 2.688 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली मॉर्फिन बरामद की गई। इस कार्रवाई में अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से जुड़े चार शातिर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है।
एसटीएफ की तत्परता और अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ विशेष मामला दर्ज
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस सफल कार्रवाई की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि एसटीएफ की मुस्तैद टीम ने सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए वाहन को रोककर मादक पदार्थों की इस बड़ी खेप को जब्त किया है। तस्करों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा संबंधित धाराओं के तहत एक विशेष आपराधिक मामला पंजीकृत कर लिया गया है, ताकि इस पूरे अवैध नेटवर्क की गहराई से जांच कर इसके मुख्य सरगनाओं और वित्तीय कड़ियों तक पहुंचा जा सके।
नशीले पदार्थों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति और नशा मुक्त भारत का संकल्प
मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल पुलिस और एसटीएफ के जवानों द्वारा दिखाई गई त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि राज्य में नशीले पदार्थों के काले कारोबार में लिप्त किसी भी तस्कर, संगठित गिरोह अथवा सिंडिकेट संचालक को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुनः दोहराया कि उनकी सरकार नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ पूरी तरह 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर अग्रसर है, जिसका मुख्य ध्येय युवा पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित बनाना और 'नशा मुक्त भारत अभियान' के राष्ट्रीय संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करना है।

